भंडारा किंग बाबा... ऐसे लोग ही दुनिया को खूबसूरत बनाते हैं, वे अपने लिए नहीं, भूखों के लिए जोड़ते थे हाथ
अगर आप कभी हरिद्वार गए हैं, खासकर हर की पौड़ी के आसपास, तो हो सकता है कि आपकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई हो
अगर आप कभी हरिद्वार गए हैं, खासकर हर की पौड़ी के आसपास, तो हो सकता है कि आपकी मुलाकात एक ऐसे शख्स से हुई हो, जिसने आपसे पैसे मांगे हों. लेकिन फर्क इतना था कि वह अपने लिए कुछ नहीं मांगता था. वह हाथ जोड़कर सिर्फ इतना कहता था- 'भंडारा कर दो बाबूजी...'
