विश्व जनसंख्या दिवस: बढ़ती आबादी के बीच हरित भविष्य की चुनौती
महात्मा गांधी का यह कथन वर्तमान दौर मैं बिल्कुल सत्य प्रतीत हो रहा है कि "पृथ्वी हर व्यक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए
महात्मा गांधी का यह कथन वर्तमान दौर मैं बिल्कुल सत्य प्रतीत हो रहा है कि "पृथ्वी हर व्यक्ति की आवश्यकता को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन देती है, लेकिन हर व्यक्ति के लालच को नहीं" जिस पृथ्वी ने मानव को जीवन, जल, जंगल और जैव-विविधता का अनमोल उपहार दिया, उसी पृथ्वी पर आज विकास की अंधी दौड़ और जनसंख्या के निरंतर विस्तार ने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है.
