'भंडारा कर दो बाबूजी' की पुकार हमेशा के लिए खामोश, हरिद्वार में गरीबों का पेट भरने वाले बाबा रमाशंकर का निधन
हरिद्वार की हर की पौड़ी के पास स्थित शिवसेतु पर वर्षों से गूंजने वाली एक आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है. भंडारा
हरिद्वार की हर की पौड़ी के पास स्थित शिवसेतु पर वर्षों से गूंजने वाली एक आवाज अब हमेशा के लिए खामोश हो गई है. भंडारा कर दो बाबूजी, 100 में पांच बाबा, 200 में 11 बाबा खाएंगे कहकर तीर्थयात्रियों से गरीबों के लिए भोजन कराने की अपील करने वाले रमाशंकर गुप्ता, जिन्हें लोग प्यार से भंडारा किंग बाबा के नाम से जानते थे, अब इस दुनिया में नहीं रहे.
दो दिन पहले उनका निधन हो गया. हरिद्वार आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के लिए रमाशंकर गुप्ता कोई अनजान चेहरा नहीं थे. हर की पौड़ी के
निकट शिवसेतु पर बैठकर वह आने-जाने वाले तीर्थयात्रियों से हाथ जोड़कर विनम्रता से अपील करते थे कि वे गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए भंडारा
करवा दें.
