जाति प्रमाणपत्र ने छीनी कुर्सी: बीएमसी में Aimim-ncp की दो महिला पार्षद अयोग्य घोषित, जानिए क्या है वजह
बीएमसी की रोशन शेख और बुशरा मलिक की सदस्यता रद्द। जिला समितियों की जांच में दोनों के जाति वैधता प्रमाणपत्र अवैध पाए गए। दोनों महिला
बीएमसी की रोशन शेख और बुशरा मलिक की सदस्यता रद्द। जिला समितियों की जांच में दोनों के जाति वैधता प्रमाणपत्र अवैध पाए गए। दोनों महिला पार्षद ओबीसी (महिला) आरक्षित वार्डों से चुनाव जीती थीं। पिछले एक महीने में इसी आधार पर बीएमसी के कुल चार पार्षद अयोग्य हो चुके हैं। 227 सदस्यीय सदन में अब एआईएमआईएम के 5 और एनसीपी के सिर्फ दो पार्षद बचे। अयोग्य घोषित की गईं पार्षदों में एआईएमआईएम की रोशन शेख और एनसीपी की बुशरा नदीम मलिक शामिल हैं।
रोशन शेख वार्ड नंबर 138 से जबकि बुशरा मलिक कुर्ला ईस्ट के वार्ड नंबर 170 से निर्वाचित हुई थीं। दोनों सीटें ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित थीं। जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समितियों ने जांच के बाद उनके प्रमाणपत्रों को अमान्य कर दिया, जिसके आधार पर उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त कर दी गई।दोनों पार्षदों के अयोग्य होने के बाद 227 सदस्यीय बीएमसी सदन का राजनीतिक समीकरण भी बदल गया है। एआईएमआईएम के पार्षदों की संख्या अब घटकर पांच रह गई है, जबकि एनसीपी के केवल दो पार्षद ही सदन में बचे हैं।
माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन सीटों पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।इससे पहले भी पिछले महीने दो पार्षदों की सदस्यता इसी वजह से खत्म की गई थी। इनमें वार्ड 137 से एआईएमआईएम के शमीम रमजान पटेल और वार्ड 111 से शिवसेना (यूबीटी) के दीपक सावंत शामिल थे। दोनों के जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जांच में अमान्य पाए गए थे।महापौर रितु तावड़े ने बताया कि रोशन शेख का प्रमाणपत्र परभणी जिला जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति ने 27 अप्रैल 2026 को निरस्त किया था, जबकि बुशरा नदीम मलिक का प्रमाणपत्र अकोला जिला समिति ने दो जुलाई 2026 को अवैध घोषित किया।
नियमों के मुताबिक, प्रमाणपत्र निरस्त होने की तारीख से ही उनकी नगरसेवक सदस्यता स्वतः समाप्त मानी गई।
