'दुर्गा' ने कर दिखाया कमाल: विक्टोरिया मेमोरियल के नीचे बना दी 1.7 किमी की सुरंग; कितने समय में पूरा हुआ काम?
कोलकाता मेट्रो के इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' विक्टोरिया मेमोरियल स्टेशन के नीचे अपनी निर्धारित
कोलकाता मेट्रो के इतिहास में शुक्रवार को एक नया अध्याय जुड़ गया, जब टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) 'दुर्गा' विक्टोरिया मेमोरियल स्टेशन के नीचे अपनी निर्धारित सुरंग की खुदाई पूरी करने के बाद धरती की सतह पर पहुंच गई। जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो की पर्पल लाइन परियोजना के तहत यह मशीन पिछले एक वर्ष से भूमिगत स्तर पर काम कर रही थी। एक वर्ष में 1.7 किलोमीटर भूमिगत सुरंग निर्माण पूरा। विक्टोरिया मेमोरियल और फोर्ट विलियम के नीचे से सुरक्षित तरीके से निकली टीबीएम।
बौबाजार जैसी किसी भी भू-धंसाव या क्षति की घटना नहीं हुई। जोका-एस्प्लेनेड पर्पल लाइन परियोजना को मिली नई गति। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, 'दुर्गा' ने खिदिरपुर से विक्टोरिया मेमोरियल तक करीब 1.7 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण किया है। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सतह पर स्थित किसी भी ऐतिहासिक या सामरिक संरचना को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों ने इस उपलब्धि का स्वागत भूमिगत सुरंग में ही 'वंदे मातरम' के नारों के साथ किया।यह सफलता इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कोलकाता मेट्रो को अतीत में बौबाजार क्षेत्र में सुरंग निर्माण के दौरान कई बार भू-धंसाव और इमारतों को नुकसान जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था।
ऐसे में विक्टोरिया मेमोरियल, फोर्ट विलियम और पुलिस ट्रेनिंग स्कूल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के नीचे से बिना किसी क्षति के सुरंग निर्माण को सिविल इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। महाप्रबंधक ने इस उपलब्धि पर क्या कहा? कोलकाता मेट्रो के महाप्रबंधक प्रेमसागर
गुप्ता ने इसे "सिविल इंजीनियरिंग का माइलस्टोन" बताते हुए कहा कि परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और कर्मचारियों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दूसरी टनल बोरिंग मशीन 'दिव्या' भी तय समयसीमा के भीतर अपना काम पूरा कर लेगी।
