'बदलने नहीं देंगे डेमोग्राफी, अभेद्य होंगी सीमाएं': अमित शाह बोले-घुसपैठ, तस्करी और ड्रोन खतरे पर होगा प्रहार
सुरक्षित और तकनीक आधारित सीमा प्रबंधन आर्थिक रूप से मजबूत सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा के प्रति जागरूक स्थानीय समाज आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा तंत्र केंद्रीय गृह
सुरक्षित और तकनीक आधारित सीमा प्रबंधन आर्थिक रूप से मजबूत सीमावर्ती क्षेत्र सुरक्षा के प्रति जागरूक स्थानीय समाज आधुनिक और एकीकृत सुरक्षा तंत्र केंद्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि पहले समस्याओं का अस्थायी समाधान खोजा जाता था, लेकिन अब सरकार उनकी जड़ तक पहुंचकर स्थायी समाधान पर काम कर रही है। शाह ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा की स्थिति में बड़ा बदलाव इसी सोच का नतीजा है।गृह मंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में अस्वाभाविक जनसांख्यिकीय बदलाव राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया डेमोग्राफी मिशन ऐसे बदलावों की निगरानी करेगा और उनके कारणों का अध्ययन करेगा।
सीमा से जुड़े किसी भी संदिग्ध बदलाव की सूचना स्थानीय स्तर से लेकर शीर्ष स्तर तक तेजी से पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जा रही है। डेमोग्राफी में किसी भी स्तर पर बदलाव नहीं होने देंगे।अमित शाह ने कहा कि सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास की गति तेज की है और बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर में करीब 400 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। सड़कों, पुलों, संचार नेटवर्क और अन्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि सुरक्षा बलों की तैनाती और संचालन अधिक प्रभावी हो सके।गृह मंत्री अमित शाह ने यह भी कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमावर्ती गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
सरकार अब इन गांवों को देश का 'आखिरी' नहीं बल्कि 'पहला गांव' मानकर विकास कर रही है। रोजगार के अवसर बढ़ाने, पलायन रोकने और सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार 31,000 करोड़ रुपये की लागत से भारत-म्यांमार सीमा के 1,610 किलोमीटर लंबे हिस्से पर बाड़ लगाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रॉक्सी वॉर, अवैध घुसपैठ, कट्टरपंथ, नशीले पदार्थों की तस्करी, स्मगलिंग, ड्रोन से जुड़े खतरों, साइबर अपराध, संगठित अपराध और सीमावर्ती क्षेत्रों की जनसांख्यिकीय संरचना में अस्वाभाविक बदलाव पर प्रभावी रोक लगाना है।
इसके साथ ही सीमाई इलाकों को रहने योग्य बनाना, वहां से लोगों के पलायन को रोकना और सीमावर्ती आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।अमित शाह ने बताया कि देश की नई सीमा सुरक्षा रणनीति क्वाड्रैंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड पर आधारित होगी। इसके चार प्रमुख आधार हैं:-केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य घुसपैठ रोकने के साथ-साथ सीमावर्ती क्षेत्रों को विकास और सुरक्षा, दोनों के लिहाज से मजबूत बनाना है।
