पुणे हादसा: '45 डिग्री झुकी इमारत, हर पल गिरने का डर', हाथों से मलबा हटाकर जिंदगियां बचा रही NDRF; पढ़ें अपडेट
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। शुरुआती कुछ ही घंटों में सात लोगों को मलबे से बाहर निकाल
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया था। शुरुआती कुछ ही घंटों में सात लोगों को मलबे से बाहर निकाल लिया गया था। इसके बाद देर रात दो और लोगों को सुरक्षित निकाला गया जिससे बचाए गए लोगों की संख्या नौ हो गई। मौके पर एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें लगातार काम कर रही हैं।बचाव अभियान को लेकर एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन के कमांडेंट एसबी सिंह ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुरुवार सुबह एक शव बरामद हुआ है और दो अन्य शवों का पता चल गया है। एसबी सिंह ने कहा, 'एनडीआरएफ अपनी पूरी कोशिश कर रही है।
हमने हाथों से खुदाई कर एक संकरी जगह बनाई है और उसी रास्ते से अंदर पहुंच रहे हैं। अब तक तीन शवों का पता चल चुका है जिनमें से एक को बाहर निकाल लिया गया है।' उन्होंने बताया कि दूसरा शव मलबे में दूर से दिखाई दे रहा है लेकिन उसे बाहर निकालने में काफी समय लग सकता है।इमारत का ढांचा पूरी तरह अस्थिर होने के कारण बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार इमारत लगभग 45 डिग्री तक झुक गई है जिससे उसके दोबारा गिरने का डर बना हुआ है। एसबी सिंह ने कहा, 'हमारी सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इमारत दोबारा न गिर जाए।
अगर ऐसा हुआ तो बचावकर्मी भी मलबे में फंस सकते हैं। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि अंदर फंसे लोगों पर और मलबा न गिरे।' बचाव कार्य में भारी मशीनों का उपयोग नहीं किया जा रहा है। मशीनों से होने वाले कंपन के कारण इमारत का बाकी हिस्सा भी गिर सकता है। बचावकर्मी हाथों से ही धीरे धीरे मलबे को हटा रहे हैं ताकि फंसे हुए लोगों और खुद उनकी जान को कोई खतरा न हो।अधिकारी ने बताया कि टीम ने आधुनिक उपकरणों का भी सहारा लिया है। इसमें लाइफ डिटेक्टर, ध्वनि पहचान वाले सेंसर और खोजी कुत्तों का इस्तेमाल किया गया है।
हालांकि अब तक मलबे के नीचे किसी और व्यक्ति के जीवित होने के ठोस संकेत नहीं मिले हैं। यह प्लांट एक निजी कंपनी और नगर निगम द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा था। हादसे के समय कंपनी के कई कर्मचारी वहां मौजूद थे।पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के अनुसार शुरुआत में 23 लोगों के फंसे होने की बात सामने आई थी। इनमें से पांच लोग बचाव दल के आने से पहले ही खुद बाहर निकलने में सफल हो गए थे। वर्तमान में एनडीआरएफ, भारतीय सेना और फायर ब्रिगेड की टीमें मिलकर राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
