ममता पार्टी के बैंक खातों से सीमित लेनदेन कर सकेगी:हाई कोर्ट ने निगरानी के लिए विशेष अधिकारी नियुक्ति किया, बड़े खर्च पर रोक
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन
कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के ममता बनर्जी गुट को पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से सीमित लेनदेन की इजाजत दे दी। हालांकि खातों से सिर्फ रोजमर्रा के खर्च और कानूनी मामलों से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे। खातों के भुगतान पर निगरानी के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस सुब्रत तालुकदार की नियुक्ति की है। वे 30 सितंबर तक काम करेंगे। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की सिंगल बेंच ने यह आदेश दिया। पार्टी के तीनों खातों से किसी भी भुगतान के लिए अधिकृत दस्तखत करने वालों में से किसी भी दो के दस्तखत वाले चेक विशेष अधिकारी के सामने पेश किए जाएंगे। उनके काउंटर साइन के बाद ही बैंक भुगतान करेगा। विशेष अधिकारी को हर महीने 1.25 लाख रुपए मानदेय दिया जाएगा। यह भुगतान भी TMC के इन्ही बैंक खातों से किया जाएगा। खाते क्यों फ्रीज किए गए 18 जून को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि TMC के एक निजी बैंक में मौजूद तीन खाते अपराध की कमाई रखने के लिए इस्तेमाल किए गए हैं। FIR दर्ज होने के अगले ही दिन इन खातों से डेबिट लेनदेन पर रोक लगा दी गई। यह शिकायत TMC के बागी गुट के नेताओं, विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा की ओर से की गई थी। यही शिकायत बैंक खातों के फ्रीज होने का आधार बनी। जांच और चुनाव आयोग पर भी कोर्ट की नजर कोर्ट ने बैंक को निर्देश दिया है कि तीनों खातों का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और बैंकिंग डेटा सुरक्षित रखा जाए तथा पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया जाए। पुलिस को 21 सितंबर की अगली सुनवाई पर जांच की प्रगति रिपोर्ट भी दाखिल करनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि TMC के किस गुट को आधिकारिक मान्यता मिलेगी, यह मामला चुनाव आयोग के पास लंबित है। यदि आयोग इस बीच कोई फैसला करता है तो उसे अदालत के सामने रखा जाएगा, ताकि इस अंतरिम आदेश पर आगे फैसला लिया जा सके।
कोर्ट रूम लाइव ममता गुट के वकील अभिषेक मनु सिंघवी: शिकायत करने वाले नेता 4 मई 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद बने बागी गुट का हिस्सा हैं। यह शिकायत पार्टी को कमजोर करने के इरादे से की गई। चुनाव में TMC और BJP के वोट शेयर के बीच पांच प्रतिशत का अंतर रहा। शिकायतकर्ता खुद भी इन्हीं बैंक खातों से मिले फंड के सहारे TMC उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं। खातों ऑपरेट करने की अनुमति दी जाए। पुलिस की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता: शिकायत मिलने के बाद जांच एजेंसी के लिए तुरंत कार्रवाई करना जरूरी था, ताकि इन खातों से किसी भी कथित अवैध लेनदेन को रोका जा सके। TMC का दूसरा गुट भी पार्टी की मान्यता चाहता है और इस पर अंतिम फैसला चुनाव आयोग को करना है। जस्टिस सौगत भट्टाचार्य: इतनी तेजी से सब कुछ क्यों हुआ? जब कोई गरीब नागरिक पुलिस स्टेशन जाता है तो पुलिस इतनी सक्रिय नहीं होती।
लेकिन यहां शाम छह बजे शिकायत हुई और अगले ही दिन खाते फ्रीज कर दिए गए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता: पुलिस लोगों के धन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रही थी। यदि खाते डी-फ्रीज किए गए तो TMC के दो गुटों के बीच उन्हें संचालित करने को लेकर विवाद खड़ा हो सकता है। ED ने भी 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा करीब 440 करोड़ रुपए फ्रीज किए हैं। जांच चार्टर्ड प्लेन और निजी जेट किराए पर लेने में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी बताई गई है।