महादेव ऐप घोटाले में CBI की नई चार्जशीट: 66 आरोपियों पर कसा शिकंजा, क्या अब खुलेंगे प्रोटेक्शन मनी के राज?
दो मामलों में कई नई चार्जशीट दाखिल। एक मामले में छह और दूसरे में 66 आरोपियों पर कार्रवाई। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े
दो मामलों में कई नई चार्जशीट दाखिल। एक मामले में छह और दूसरे में 66 आरोपियों पर कार्रवाई। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े मामलों में अतिरिक्त साक्ष्य पेश। मनी लॉन्ड्रिंग और कथित रिश्वत के आरोपों की जांच जारी। विदेश में मौजूद आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी। सीबीआई ने असीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके अलावा महादेव ऐप के कथित प्रमुख संचालकों सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से जुड़े मामलों में भी अतिरिक्त साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए गए हैं।
दूसरे मामले में जांच एजेंसी ने कुल 66 आरोपियों के खिलाफ पांच चार्जशीट दाखिल की हैं। इनमें ऐप के प्रमोटर और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्य भी शामिल हैं।सीबीआई के अनुसार, महादेव ऐप के जरिए देशभर में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित किया जाता था। जांच में सामने आया है कि अलग-अलग पैनलों के माध्यम से नए यूजर्स को जोड़ा जाता था और कथित तौर पर सट्टेबाजी का संचालन किया जाता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क से होने वाली कमाई को फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के जरिए इधर-उधर भेजा गया और बाद में विदेशों तक पहुंचाया गया।
इन आरोपों की जांच अभी जारी है।सीबीआई का आरोप है कि अवैध कमाई का एक हिस्सा कुछ सरकारी कर्मचारियों और लोक सेवकों को कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में दिया जाता था, ताकि नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई प्रभावित हो सके। एजेंसी इन आरोपों से जुड़े वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूतों की भी जांच कर रही है।जांच एजेंसी के अनुसार, मामले के कुछ प्रमुख आरोपी पहले ही देश छोड़ चुके हैं और विदेश से कथित तौर पर नेटवर्क संचालित कर रहे थे। चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही, उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।CBI का कहना है कि जांच अभी जारी है और चार्जशीट में शामिल आरोपों के अलावा भी कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
एजेंसी वित्तीय लेनदेन, कथित मनी लॉन्ड्रिंग और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
