'सर के कलेजे पर कैसे छुरी चलाएं, हमसे नहीं होगा...' गुरु के पोस्टमॉर्टम से पहले रो पड़े डॉक्टर
राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल की मोर्चरी ने सालों में अनगिनत दर्दनाक मंजर देखे हैं, लेकिन इस बार जो हुआ, उसने अनुभवी डॉक्टरों
राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह अस्पताल की मोर्चरी ने सालों में अनगिनत दर्दनाक मंजर देखे हैं, लेकिन इस बार जो हुआ, उसने अनुभवी डॉक्टरों की आंखें भी नम कर दीं.
जिस पोस्टमार्टम टेबल पर फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नंदलाल डिसानिया अपने छात्रों को हर दिन सिखाते थे कि मौत के बाद भी सच कैसे तलाशा जाता है, उसी टेबल पर इस बार वह खुद निश्चल पड़े थे.
मोर्चरी का माहौल सन्नाटे और सिसकियों से भर गया. जूनियर और सीनियर डॉक्टरों की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे.
