जितनी सैलरी, उतना काम! क्या 'बॉस के रवैये' से नाराज यूथ ने बदल दिया अपना वर्क स्टाइल? रिपोर्ट ने चौंकाया
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और जॉब मार्केट में इस वक्त एक नया और अजीब संकट देखने को मिल रहा है. कर्मचारी अपना काम तो पूरा कर
भारतीय कॉर्पोरेट जगत और जॉब मार्केट में इस वक्त एक नया और अजीब संकट देखने को मिल रहा है. कर्मचारी अपना काम तो पूरा कर रहे हैं, लेकिन उससे आगे बढ़कर कुछ भी 'एक्स्ट्रा' करने को तैयार नहीं हैं. 'ग्रेट प्लेस टू वर्क इंडिया' की 2026 की एक नई स्टडी में इस बदलाव को 'एफर्ट रिसेशन' यानी 'प्रयासों की मंदी' का नाम दिया गया है.
