महाराष्ट्र: पुष्पा के चंदन की तरह पानी में बहते दिखे हजारों सिलिंडर, कलेक्टर ने क्यों कहा- छूना है खतरनाक?
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया। इसके कारण 3,000 एलपीजी सिलिंडर, जिनमें भरे
महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में एचपीसीएल पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट में भारी बारिश के कारण जलभराव हो गया। इसके कारण 3,000 एलपीजी सिलिंडर, जिनमें भरे और खाली दोनों सिलिंडर शामिल थे पातालगंगा नदी में बह गए। इसके बाद प्रशासन ने निवासियों को नदी में पाए जाने वाले किसी भी सिलेंडर को न छूने की चेतावनी जारी की है। कलेक्टर ने क्या आग्रह किया है? रायगढ़ जिले के कलेक्टर किशन जावले ने लोगों से आग्रह किया कि वे समुद्र तट पर बहकर आए किसी भी सिलिंडर को न उठाएं और न ही घर ले जाएं।
उन्होंने कहा कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि नदी में बहकर आए सिलिंडरों में गैस है या वे सुरक्षित स्थिति में हैं। जिज्ञासावश या उपयोग के लिए उन्हें उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या लिखा? इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं। विनोद पटेल नाम के एक्स यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा कि पुष्पा 3.0 महाराष्ट्र, कोल्हापुर में बाढ़ का पानी गैस सिलिंडर गोदाम तक पहुंच गया। बताया जा रहा HPCL कंपनी के हजारों सिलिंडर पानी के तेज बहाव में बह गए...
करीब 3 महीने पहले जिन गरीबों को लूटा था, आज वही गोदाम बाढ़ में बह गया। वहीं, एक यूजर ने लिखा, ' HPCL प्लांट में बाढ़ आने के बाद, भरे हुए और खाली, करीब 3,000 LPG सिलिंडर पातालगंगा नदी में बह रहे हैं। यह सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं है। यह पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा प्लानिंग के मामले में सिस्टम की नाकामी है। हाई-प्रेशर वाले भरे हुए गैस सिलिंडर बहकर नदी के निचले इलाकों के गांवों तक पहुंच रहे हैं। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के बजाय, प्रशासन लोगों से बस यह कह रहा है कि 'इन्हें छुएं नहीं।' एक बड़ी PSU की घोर लापरवाही से पैदा हुए खतरों से निपटने के लिए आम लोगों को क्यों छोड़ दिया गया है?
यह लोगों की सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि बिल्कुल 'पुष्पा' फिल्म जैसा सीन, बस फर्क इतना है कि यहां चंदन की लकड़ी नहीं, बल्कि LPG सिलिंडर हैं। महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश के कारण चवाने गांव स्थित प्लांट में पानी का तेज बहाव आ गया, जिससे सैकड़ों खाली HPCL LPG सिलिंडर बह गए।
