भाई 10 करोड़ की जमीन तेरी, मां को मरवा दे बस...सरकारी नौकरी के लिए 24 साल की आयुषी ने ऐसे रची साजिश
राजस्थान में जयपुर के एयरपोर्ट कॉलोनी में ढाई साल पहले कोर्ट में एलडीसी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा ने घर बनाया था जिसमें पत्नी निरज
राजस्थान में जयपुर के एयरपोर्ट कॉलोनी में ढाई साल पहले कोर्ट में एलडीसी विजय वशिष्ठ उर्फ विजय शर्मा ने घर बनाया था जिसमें पत्नी निरज शर्मा, बेटी आयुषी शर्मा और मानसिक रूप से कमज़ोर बेटे के साथ रहता था.
एक साल पहले विजय शर्मा की मौत हो जाती है. तब बेटी आयुषी शर्मा ने 12 th पास किया था. जब पिता की जगह अनुकंपा पर नौकरी करने की बारी आई तो बेटी ने कहा कि मुझे नौकरी दे दो.
मां तैयार भी हो गई. लेकिन निरज शर्मा का भाई और आयुषी का मामा भी अपने जीजा जी के साथ लोअर कोर्ट में एलडीसी था उसने बहन को कहा कि तुम भी पढ़ी लिखी हो. तुम्हारी जिंदगी पड़ी है और 16 साल का बेटा मानसिक दिव्यांग है उसकी देख भाल कौन करेगा.
बेटी को पढ़ा लिखा कर लायक बना देंगे. मां ने दिव्यांग बेटे के खातिर पति की जगह नौकरी कर ली.
