सतलुज पार्ट 2... उस पार भी सिर्फ लाशें ही लाशें हैं
पंजाब में आतंकवाद के दौर की एक कहानी दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म सतलुज में कही है. ये दास्तान है पंजाब पुलिस की ज्यादती के
पंजाब में आतंकवाद के दौर की एक कहानी दिलजीत दोसांझ ने अपनी फिल्म सतलुज में कही है. ये दास्तान है पंजाब पुलिस की ज्यादती के चलते मारे गए लोगों और उनकी गुमनामी की.
लेकिन, जिस तरह हर नदी के दो किनारे होते हैं, उसी तरह इस सतलुज का भी दूसरा किनारा है. जहां हजारों बेगुनाहों का खून बिखरा
है. आतंकवादियों के शिकार लोगों की लाशें हैं.
