मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत नाबालिग की शादी की दलील रद्द, HC का फैसला
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ को बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) और पॉक्सो एक्ट से ऊपर नहीं माना है. कोर्ट ने कहा कि
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ को बाल विवाह निषेध अधिनियम (PCMA) और पॉक्सो एक्ट से ऊपर नहीं माना है. कोर्ट ने कहा कि शादी की उम्र सभी के लिए समान है और कोई भी पर्सनल लॉ इस नियम को प्रभावित नहीं कर सकता. ये फैसला बुलंदशहर में एक 16 वर्षीय लड़की के बाल विवाह रोकने आई रेस्क्यू टीम पर हमले से जुड़े मामले में आया है.
