एअर इंडिया, एआई एक्सप्रेस और इंडिगो का बड़ा फैसला, रोज घटेंगी 250 घरेलू उड़ानें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस गर्मी हवाई यात्रा करने वालों की जेब पर बड़ा असर पड़ सकता है। घरेलू उड़ानों की संख्या में भारी कटौती और टिकटों के बढ़ते दामों के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एअर इंडिया, AI एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इस गर्मी हवाई यात्रा करने वालों की जेब पर बड़ा असर पड़ सकता है। घरेलू उड़ानों की संख्या में भारी कटौती और टिकटों के बढ़ते दामों के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। एअर इंडिया, AI एक्सप्रेस और इंडिगो जैसी प्रमुख एयरलाइंस कंपनियों ने जून से अगस्त 2026 के बीच बड़ी संख्या में घरेलू उड़ानें रद्द करने का फैसला किया है। बताया जा रहा है कि जेट ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों, रुपए की कमजोरी और परिचालन लागत में इजाफे के कारण एयरलाइंस कंपनियां यह कदम उठा रही हैं। जानकारी के अनुसार, टाटा समूह के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एअर इंडिया इस दौरान अपनी घरेलू उड़ानों में करीब 22 प्रतिशत तक कटौती करेगी। हर सप्ताह 4,400 उड़ानों का संचालन करती है एअर इंडिया कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के प्रबंधन और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह फैसला लेना पड़ा है।
माना जा रहा है कि घरेलू उड़ानों की संख्या घटने से अन्य एयरलाइंस कंपनियां भी टिकट किराए में बढ़ोतरी कर सकती हैं। हर सप्ताह लगभग 4,400 उड़ानों का संचालन करने वाली एअर इंडिया फिलहाल करीब 3,600 घरेलू और 800 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती है। मालूम हो कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संकट के कारण एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में तेज उछाल आया है, जिससे एयरलाइंस की परिचालन लागत काफी बढ़ गई है। इसका असर अब सीधे तौर पर हवाई टिकटों की कीमतों पर भी दिखाई देने लगा है। खबरें और भी कटौती से हर हफ्ते 790 से अधिक उड़ानें प्रभावित होंगी हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि जिन रूटों पर उड़ानें कम की जाएंगी, उन रूटों पर पहले से टिकट बुक करा चुके यात्रियों को रिफंड दिया जाएगा या फिर उन्हें दूसरी तारीख पर यात्रा करने का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा।
बताया जा रहा है कि घरेलू उड़ानों में 22 प्रतिशत की इस कटौती से हर हफ्ते 790 से अधिक उड़ानें प्रभावित होंगी। कंपनी ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि जून से अगस्त 2026 के बीच अंतरराष्ट्रीय सेवाओं में किए गए बदलावों के तहत कुछ घरेलू मार्गों पर उड़ानों की संख्या अस्थायी रूप से कम की गई है। एअर इंडिया ने यह भी कहा कि परिचालन लागत में भारी वृद्धि की वजह से यह कदम उठाना जरूरी हो गया था। हालांकि, कंपनी ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही हालात सामान्य होंगे, उड़ानों को दोबारा शुरू करने पर विचार किया जाएगा। AI एक्सप्रेस ने पहले ही कटौती का लिया था फैसला इधर, AI एक्सप्रेस ने भी इस महीने की शुरुआत में जून से अगस्त के बीच 145 साप्ताहिक उड़ानें रद्द करने का फैसला लिया था। पहले से ही करीब 100 दैनिक उड़ानों के रद्द होने के बीच नई कटौतियों ने यात्रियों की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कम उड़ानों की वजह से इस गर्मी में हवाई किराए में और ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा, खाड़ी देशों की बड़ी विमानन कंपनियां भी फिलहाल सीमित क्षमता के साथ परिचालन कर रही हैं, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि सिंगापुर एयरलाइंस के पास एअर इंडिया की 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि बाकी हिस्सेदारी टाटा समूह के पास है। कंपनी पहले ही दिल्ली-शिकागो, दिल्ली-नेवार्क और मुंबई-न्यूयॉर्क जैसे सात प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूटों को अगस्त तक के लिए स्थगित कर चुकी है।
