आधुनिक युग की सावित्री पर लिखी 'सम्पा' का लोकार्पण
कौन कहता है कि इतिहास हमेशा बड़े लोग ही लिखते हैं, कई बार यह किसी आम इनसान के असाधारण साहस द्वारा भी लिखा जाता है
कौन कहता है कि इतिहास हमेशा बड़े लोग ही लिखते हैं, कई बार यह किसी आम इनसान के असाधारण साहस द्वारा भी लिखा जाता है.
राजधानी का इंडिया इंटरनेशनल सेंटर ऐसी ही एक शाम का गवाह बना. यह शाम 'सम्पा' के नाम रही. 'सम्पा: विश्वास, धैर्य और संकल्प की अनूठी
दास्तान'
