ठाणे में डॉक्टरों की पिटाई का मामला: शिवसेना कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे गिरफ्तार, क्यों भड़क गए थे नेताजी?
नवजात शिशु के लिए अस्पताल का एनआईसीयू (NICU) बेड खाली नहीं था। डॉक्टरों ने बच्चे की भलाई के लिए ही उसे दूसरे अस्पताल में ले
नवजात शिशु के लिए अस्पताल का एनआईसीयू (NICU) बेड खाली नहीं था। डॉक्टरों ने बच्चे की भलाई के लिए ही उसे दूसरे अस्पताल में ले जाने की सलाह दी थी। शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे ने महिला डॉक्टर पर पीछे से जोरदार हमला किया। पुलिस ने मंगलवार रात को रमेश म्हात्रे और पांच अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। बुधवार को पुलिस ने आरोपी कॉर्पोरेटर को उसके घर से गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है।
यह पूरी घटना 6 जुलाई की शाम को शुरू हुई। अस्पताल के डॉक्टरों ने सिर्फ अपना फर्ज निभाया था, जिसकी उन्हें इतनी भयानक सजा मिली। अस्पताल में नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) पूरी तरह भर चुकी थी। डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉक्टर वैभव सालुंके ने एक नवजात बच्चे के परिजनों को सलाह दी। डॉक्टरों ने बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने को कहा। डॉक्टरों की यह सही और पेशेवर सलाह परिजनों को नागवार गुजरी।
इसके बाद परिजनों ने सीधे स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को फोन कर बुला लिया।घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर किसी का भी दिल दहल जाएगा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि रमेश म्हात्रे अपने कुछ साथियों के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल होता है।वह पीछे से एक महिला डॉक्टर की तरफ बढ़ता है। महिला डॉक्टर के हाथ में मोबाइल फोन था।
म्हात्रे पूरी ताकत से महिला डॉक्टर पर हमला करता है, जिससे उसका फोन नीचे गिर जाता है। इसके बाद म्हात्रे और उसके समर्थक अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर टूट पड़ते हैं। इस हमले में डॉक्टर वैभव सालुंके को गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद की तस्वीरों में अस्पताल के कर्मचारी बेहद डरे और सहमे हुए नजर आ रहे हैं।
