कमांडर मरे, मुख्यालय तबाह: ऑपरेशन सिंदूर से टूटा आतंकी अजहर का हौसला, भारत के खिलाफ क्या है जैश की नई साजिश?
डॉक्टर्ड वीडियो का इस्तेमाल: भारतीय सेना और सरकार को बदनाम करने के लिए जैश फर्जी और एडिटेड वीडियो का सहारा ले रहा है। भारतीय सेना
डॉक्टर्ड वीडियो का इस्तेमाल: भारतीय सेना और सरकार को बदनाम करने के लिए जैश फर्जी और एडिटेड वीडियो का सहारा ले रहा है। भारतीय सेना और सरकार को बदनाम करने के लिए जैश फर्जी और एडिटेड वीडियो का सहारा ले रहा है। फर्जी मानवाधिकार नैरेटिव: इन वीडियो में दिखाया जा रहा है कि भारतीय सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के लोगों पर जुल्म कर रहे हैं, जो कि सरासर झूठ है। इन वीडियो में दिखाया जा रहा है कि भारतीय सुरक्षा बल जम्मू-कश्मीर के लोगों पर जुल्म कर रहे हैं, जो कि सरासर झूठ है। लोकल रिक्रूटमेंट की कोशिश: भारत के भीतर युवाओं को भड़काकर 'होमग्रोन' (स्थानीय) आतंकी मॉड्यूल तैयार करने की साजिश है।
भारत के भीतर युवाओं को भड़काकर 'होमग्रोन' (स्थानीय) आतंकी मॉड्यूल तैयार करने की साजिश है। पाकिस्तानी युवाओं को बरगलाना: पाकिस्तान के स्थानीय युवाओं को भारत के खिलाफ भड़काने के लिए इस प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल हो रहा है। पाकिस्तान के स्थानीय युवाओं को भारत के खिलाफ भड़काने के लिए इस प्रोपेगैंडा का इस्तेमाल हो रहा है। आईएसआई का सीधा हाथ: यह पूरा डिजिटल अभियान पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के सीधे मार्गदर्शन में चलाया जा रहा है। खुफिया एजेंसियों की मानें तो ऑपरेशन सिंदूर ने जैश की कमर तोड़ कर रख दी है। बहावलपुर में मौजूद इसका मुख्य मुख्यालय जमींदोज हो चुका है। इसके कई बड़े कमांडर और कैडर मारे जा चुके हैं।
जहां एक तरफ लश्कर-ए-तैयबा घुसपैठ और नए कमांड नेटवर्क के जरिए धीरे-धीरे खुद को दोबारा खड़ा कर रहा है, वहीं जैश इस रेस में बहुत पीछे छूट गया है।इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक अधिकारी के मुताबिक, जैश के डिजिटल अभियान के पीछे दो बड़े मकसद हैं। पहला- भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के युवाओं को गुमराह करना। दूसरा- अपने बचे-खुचे कैडरों को बिखरने से रोकना। पिछले कुछ महीनों में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और सीमा पर कड़े पहरे के कारण जम्मू-कश्मीर में उसकी गतिविधियां अब ना के बराबर बची हैं।क्या जैश का सरगना मसूद अजहर जिंदा है? वह इस समय कहां छिपा है? ये वो सवाल हैं जो खुद जैश के समर्थक पूछ रहे हैं।
पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत ने जो ऑपरेशन चलाया था, उसमें अजहर के कई करीबी मारे गए थे। तब से मसूद अजहर गायब है। रिपोर्ट है कि वह बेहद बीमार है और सेना के ठिकानों के पास छिपा हुआ है। हालांकि जैश ने बहावलपुर में 'मरकज सुभान अल्लाह' मुख्यालय को फिर से खड़ा कर लिया है, लेकिन वहां कोई बड़ी हलचल नहीं है। पहले जहां 600 सक्रिय कैडर रहते थे, अब वह संख्या बेहद कम हो चुकी है।
