बंगाल में बवाल: ममता बनर्जी की रैली में भिड़े TMC और BJP कार्यकर्ता, बीच सड़क पर क्यों लगे चोर-चोर के नारे?
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Scuffle breaks out at TMC leader and former CM Mamata Banerjee's rally from Ballygunge Phari to Hazra More, as TMC
#WATCH | Kolkata, West Bengal: Scuffle breaks out at TMC leader and former CM Mamata Banerjee's rally from Ballygunge Phari to Hazra More, as TMC and BJP workers jostled with each and got into war of words. They also raised slogans of "chor, chor." pic.twitter.com/poB5oSZOCb July 8, 2026 पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी नेत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकाला जा रहा था मार्च। यह पूरी झड़प और धक्का-मुक्की कोलकाता के बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ के बीच हुई। टीएमसी और भाजपा के समर्थक बीच सड़क पर एक-दूसरे से बुरी तरह उलझ पड़े। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे को निशाना बनाते हुए जमकर की नारेबाजी।
कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने कल ही समय और रूट बदलकर इस रैली को मंजूरी दी थी। यह हाई-वोल्टेज ड्रामा उस समय शुरू हुआ जब टीएमसी नेता ममता बनर्जी की अगुवाई में पार्टी का जुलूस बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ बढ़ रहा था। इसी दौरान वहां भाजपा के समर्थक भी पहुंच गए और दोनों राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। पहले दोनों तरफ से तीखी बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को धक्का देते हुए 'चोर, चोर' के नारे लगाने शुरू कर दिए।इस रैली को लेकर कल ही कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल बेंच ने समय सीमा और रूट में कुछ बदलाव करते हुए इसे आयोजित करने की अनुमति दी थी।
अदालत के आदेश के बाद सुरक्षा के दावे तो किए गए थे, लेकिन जैसे ही मार्च हाजरा मोड़ की तरफ बढ़ा, राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता सड़क पर आ गई। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति को संभाला, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है।यह पूरा बवाल बारुईपुर में 11 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के विरोध में ही शुरू हुआ था। इस खौफनाक वारदात के खिलाफ टीएमसी के छात्र-युवा संगठन ने न्याय की मांग को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट की मंजूरी के बाद कोलकाता में यह रैली निकाली थी।
चूंकि इस घटना के मुख्य आरोपी प्रभा मंडल का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है, इसलिए राज्य में पहले से ही सियासी पारा चढ़ा हुआ था। बस इसी गुस्से और राजनीति के चलते जब यह मार्च बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ की तरफ बढ़ रहा था, तो टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और शांतिपूर्ण रैली देखते ही देखते अखाड़ा बन गई।
