'अली के शहर में अली...', नजफ-कर्बला से खामेनेई को जोड़ ईरान ने गढ़ा प्रतिरोध का प्रतीक
1957 में नजफ की अपनी पहली यात्रा के 69 साल बाद अली खामेनेई आज फिर उस शहर में लौटे हैं जहां एक युवा मदरसा छात्र
1957 में नजफ की अपनी पहली यात्रा के 69 साल बाद अली खामेनेई आज फिर उस शहर में लौटे हैं जहां एक युवा मदरसा छात्र के तौर पर उन्होंने महान आलिमों से शिक्षा ली थी.
खामेनेई नजफ में पढ़ना चाहते थे. लेकिन इतिहास ने एक अलग मोड़ ले लिया. उनके पिता की इच्छा की वजह से उन्हें वहां से 1958
में लौटना पड़ा. 1958 में वे ईरान के कौम शहर में सेटल हो गए और पढ़ने लगे.
