कहर कुदरत का, गलती इंसान की... वायनाड लैंडस्लाइड की ये तस्वीरें हैं गवाह
दोनों घटनाओं में भारी बारिश को मुख्य वजह बताया गया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति के साथ-साथ इंसानी गलतियां भी इन आपदाओं को
दोनों घटनाओं में भारी बारिश को मुख्य वजह बताया गया, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि प्रकृति के साथ-साथ इंसानी गलतियां भी इन आपदाओं को बढ़ावा दे रही हैं.
30 जुलाई 2024 (फोटो में) की सुबह वायनाड के मेप्पाड़ी पंचायत के मुंडक्कई, चूरलमाला और अट्टमाला गांवों पर कहर टूटा. 48 घंटों में 570 मिलीमीटर
से ज्यादा बारिश ने पहाड़ों को अस्थिर कर दिया. Photo: AP
