Maharashtra: बचाने दौड़े, लेकिन खुद भी नहीं बच सके; सतारा में करंट ने एक ही परिवार के चार लोगों की ले ली जान
कैसे एक-दूसरे को बचाने की कोशिश बनी मौत की वजह? क्या बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल? पुलिस मामले में क्या कर्रवाई की?
कैसे एक-दूसरे को बचाने की कोशिश बनी मौत की वजह? क्या बिजली सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे हैं सवाल? पुलिस मामले में क्या कर्रवाई की? हादसे में मरने वाले सभी लोग पारधी समुदाय से थे। मृतकों की पहचान किशोर शिंदे, सचिन शिंदे, गगया शिंदे और अर्चना शिंदे के रूप में हुई है। इनमें दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही फलटण पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसा घर के सामने मौजूद बिजली के खुले तार की वजह से हुआ।प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, सबसे पहले परिवार का एक सदस्य खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गया।
उसे तड़पता देखकर दूसरे सदस्य उसे बचाने के लिए दौड़े। लेकिन करंट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि एक के बाद एक सभी सदस्य उसकी चपेट में आते चले गए। किसी को संभलने या बिजली का संपर्क तोड़ने का मौका नहीं मिला। कुछ ही पलों में चारों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना इस बात की भी याद दिलाती है कि करंट लगने की स्थिति में सीधे पीड़ित को पकड़ना कितना खतरनाक हो सकता है।इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर बिजली सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
लोगों का कहना है कि यदि खुले बिजली के तार को समय रहते सुरक्षित किया गया होता तो शायद यह हादसा टल सकता था। घटना के बाद इलाके में गहरा दुख और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि बिजली का खुला तार वहां किस परिस्थिति में था।पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि कहीं बिजली सुरक्षा में कोई लापरवाही तो नहीं हुई।
एक ही परिवार के चार लोगों की अचानक मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। पड़ोसी और ग्रामीण इस घटना से स्तब्ध हैं। परिवार के सदस्यों की एक-दूसरे को बचाने की कोशिश आखिरकार उनकी जान पर भारी पड़ गई और कुछ ही मिनटों में पूरा परिवार बिखर गया।
