Lucknow, India

राहुल ने CBSE एग्जाम की जांच कंपनी पर सवाल उठाया:पूछा- Coempt और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध; बोर्ड बोला- गड़बड़ी के आरोप गलत

Published 27 May 2026 · education

राहुल ने CBSE एग्जाम की जांच कंपनी पर सवाल उठाया: पूछा- COEMPT और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध; बोर्ड बोला- गड़बड़ी के आरोप गलत नई दिल्ली राहुल ने कहा कि कंपनी का नाम बदल गया, लेकिन नीयत और फितरत वही रही। राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन

राहुल ने CBSE एग्जाम की जांच कंपनी पर सवाल उठाया: पूछा- COEMPT और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध; बोर्ड बोला- गड़बड़ी के आरोप गलत नई दिल्ली राहुल ने कहा कि कंपनी का नाम बदल गया, लेकिन नीयत और फितरत वही रही। राहुल गांधी ने सेंट्रल बॉर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन (CBSE) के 12वीं के रिजल्ट में बड़ी गड़बड़ी का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि CBSE ने जिस COEMPT कंपनी को एग्जाम के डिजिटल इवैल्यूएशन का ठेका दिया है, उसका पहले ग्लोबारिना नाम था। कंपनी तेलंगाना में साल 2019 में विवादों में रही थी। राहुल ने सवाल किया कि COEMPT को CBSE का ठेका क्यों और किसके कहने पर दिया गया। कौन-कौन से नियम और प्रक्रियाएं दरकिनार करके इस कंपनी को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। COEMPT पहले ग्लोबारिना नाम से विवादों में घिर चुकी थी, यह बात CBSE को क्यों नहीं पता चली?

COEMPT प्रबंधन और मोदी सरकार के बीच क्या संबंध हैं। CBSE ने राहुल के आरोपों को खारिज किया है। CBSE मुख्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि COEMPT एडूटेक को कॉन्ट्रैक्ट देने में सभी जनरल फाइनल्स रूल्स और तय प्रक्रियाओं का पालन किया गया। आरोप गलत, भ्रामक और तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। CBSE बोला- चयन प्रक्रिया के बाद COEMPT को ठेका दिया CBSE का कहना है कि बोर्ड परीक्षा 2026 की कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए 28 अगस्त 2025 को सरकारी पोर्टल पर आवेदन मांगे गए थे। इसके बाद तय प्रक्रिया पूरी होने पर COEMPT कंपनी को यह ठेका दिया गया। हर चौथे छात्र ने स्कैन कॉपी मांगी सीबीएसई 12वीं में ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) सिस्टम को लेकर छात्रों की असाधारण प्रतिक्रिया सामने आई है। 12वीं की बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए हर चौथे छात्र ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

बोर्ड के मुताबिक, परीक्षा में बैठे 17,68,962 छात्रों में से 4,04,319 यानी 22.85% ने उत्तरपुस्तिका की स्कैन कॉपी मांगी है। इन छात्रों ने कुल 11,31,961 आंसरशीट मांगी हैं। इनमें से 8,98,214 आंसरशीट मंगलवार शाम तक छात्रों को भेजी जा चुकी थीं। पिछले साल के मुकाबले ये 4 गुना ज्यादा हैं। देश के किसी भी बोर्ड के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है। बोर्ड की वेबसाइट पर तकनीकी गड़बड़ी के चलते अब भी कुछ आवेदन अटके हुए हैं। इनके उचित पेमेंट सत्यापन की प्रक्रिया जारी है। बोर्ड ने बताया कि स्कैन आंसर शीट से जुड़े पेंडिंग आवेदन 27 मई तक पूर कर लिए जाएंगे। 29 मई से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। अधिकारी ने कहा कि जिस समय अंतिम आंसरशीट जारी होगी, उसके दो दिन बाद तक पुनर्मूल्यांकन के आवेदन का विंडो खुला रहेगा। बोर्ड ने कहा कि जिन छात्रों को अपनी आंसरशीट को लेकर शिकायत है, वे अंकों के सत्यापन या प्रति सवाल पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

2025 में 2 लाख 82 हजार आंसरशीट मांगी 2025 में 1,31,000 छात्रों ने अपनी 2,82,000 आंसरशीट मांगी थी। इनमें से 50 हजार छात्रों ने मिले अंक से असंतुष्ट होने पर पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया। इनमें से 31 हजार छात्रों के अंक बढ़ गए और करीब एक से डेढ़ हजार छात्रों के अंक कम हो गए। 18 हजार छात्रों के अंकों में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, नंबर कम होने पर घटाए नहीं जाते, बल्कि यथावत रहते हैं। इस बार 12वीं परीक्षा की कॉपियों का मूल्यांकन ऑन स्क्रीन किया गया, इसके लिए सभी आंशरशीट स्कैन की गई थी। ……………… CBSE विवाद से जुड़ी

Read full story on TheBriefWire

Loading…