Lucknow, India

तमिलनाडु में गाय की कुर्बानी पर लगा प्रतिबंध, बकरीद से पहले मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

Published 27 May 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य में बकरीद (ईद-उल-अज़्हा) के दौरान या किसी भी अन्य दिन गाय या बछड़े के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन और न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन की अवकाशकालीन पीठ ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। पीठ ने

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। मद्रास उच्च न्यायालय ने राज्य में बकरीद (ईद-उल-अज़्हा) के दौरान या किसी भी अन्य दिन गाय या बछड़े के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायमूर्ति जी.आर. स्वामीनाथन और न्यायमूर्ति वी. लक्ष्मीनारायणन की अवकाशकालीन पीठ ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आदेश जारी किया। पीठ ने कहा कि इस जनहित याचिका में विचारणीय प्रश्न यह है कि क्या बकरीद के अवसर पर गायों और बछड़ों की बलि उन स्थानों पर दी जा सकती है जिन्हें बूचड़खाने के रूप में नामित नहीं किया गया है?” को स्वीकार करते हुए अदालत ने तमिलनाडु सरकार को सख्त निर्देश दिए।

अदालत के मुख्य निर्देश बकरीद की पूर्व संध्या या किसी भी अन्य दिन राज्य में कहीं भी गाय या बछड़े का वध न किया जाए। सार्वजनिक स्थानों या गैर-अधिकृत जगहों पर गायों की बलि पूरी तरह रोकी जाए। मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी करने होंगे।

याचिकाकर्ता की शिकायत कोयंबटूर के रहने वाले के. सूर्या उर्फ के. सूर्या प्रशांत ने जनहित याचिका दायर की थी। उन्होंने अदालत को बताया कि बकरीद के

मौके पर गैर-मान्यता प्राप्त क्षेत्रों में गायों और बछड़ों की कुर्बानी की व्यवस्था की जा रही है, जिससे उन्हें याचिका दायर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

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