बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए दो और होल्डिंग सेंटर तैयार, बंगाल में अब न कोर्ट न जेल, सीधे पुशबैक की तैयारी
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी। बंगाल की नई भाजपा सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने और उन्हें शीघ्र वापस भेजने के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इन जिलों में बनाए गए हैं होल्डिंग सेंटर उत्तर बंगाल में मालदा के बाद जलपाईगुड़ी जिले
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी। बंगाल की नई भाजपा सरकार ने राज्य के विभिन्न जिलों में बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोकने और उन्हें शीघ्र वापस भेजने के लिए होल्डिंग सेंटर बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इन जिलों में बनाए गए हैं होल्डिंग सेंटर उत्तर बंगाल में मालदा के बाद जलपाईगुड़ी जिले में दो होल्डिंग सेंटर बनाए गए हैं, जबकि कूचबिहार जिले में तीन होल्डिंग सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। अब बांग्लादेश से भारत में घुसने वाले लोगों को सीधे जेल नहीं भेजा जाएगा।
उन्हें होल्डिंग सेंटर में रखा जाएगा फिर बीएसएफ के हवाले कर दिया जाएगा। उसके बाद बीएसएफ, बांग्लादेश बार्डर गार्ड्स (बीजीबी) के साथ समन्वय कर उन्हें पुशबैक की प्रक्रिया पूरी करेगा। जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए दोनों होल्डिंग सेंटर सीमा क्षेत्र के काफी निकट हैं। जलपाईगुड़ी के जिलाधिकारी संदीप कुमार घोष ने कहा है कि सरकार की नई निर्देशिका के अनुसार ही होल्डिंग सेंटर बनाए जा रहे हैं। जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा की लंबाई करीब 45 किलोमीटर है सभी प्रक्रियाएं कानून के दायरे में रखते हुए पूरी की जाएंगी।
जलपाईगुड़ी जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा की लंबाई करीब 45 किलोमीटर है। पहले वापस भेजना काफी मुश्किलखुली सीमा का फायदा उठाकर बांग्लादेशी नागरिक अक्सर भारत में घुसपैठ करते हैं। पहले उन्हें पकड़कर अदालत में पेश किया जाता था, फिर जलपाईगुड़ी केंद्रीय जेल में भेज दिया जाता था। सजा पूरी होने के बाद उन्हें बांग्लादेश वापस भेजने में बड़ी मुश्किलें आती थीं। क्योंकि उनके पास बांग्लादेशी दस्तावेज नहीं होते थे, इसलिए बांग्लादेश सरकार उन्हें अपने नागरिक के रूप में स्वीकार नहीं करती थी।
जिसके कारण वह जेल से छूटने के बाद भी वर्षों तक भारत में फंस जाते थे। होल्डिंग सेंटरों में बुनियादी सुविधाएं नई व्यवस्था में इस समस्या का समाधान करने की कोशिश की जा रही है। अब घुसपैठियों को होल्डिंग सेंटर में रखकर तुरंत पुशबैक की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार होल्डिंग सेंटरों में बुनियादी सुविधाएं जैसे रहने की व्यवस्था, भोजन और चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। खबरें और भी
