मानसून मचा रहा तबाही: अगले तीन-चार दिन भारी बारिश का अलर्ट, किन राज्यों में बना आफत और कहां दे रहा राहत?
केरल के वायनाड में मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ से मलबा आने से तीन लोगों की जान चली गई है, 10 लोग घायल हुए हैं
केरल के वायनाड में मूसलाधार बारिश के बीच पहाड़ से मलबा आने से तीन लोगों की जान चली गई है, 10 लोग घायल हुए हैं, जबकि पांच लोगों के अभी मलबे में दबे होने की आशंका है। अगले चार-पांच दिन लगभग पूरे देश में व्यापक वर्षा को लेकर अलग-अलग अलर्ट जारी किए गए हैं। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के ठाठरी में सोमवार की रात बादल फटने से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई। भारी सैलाब के बीच भूस्खलन हुआ। पहाड़ से मलबे के साथ पत्थर और भारी चट्टानें गिरीं।
कम से कम 10 घर, 25 से अधिक दुकानें और कई वाहन मलबे में दब गए। कई इमारतों का अधिकांश हिस्सा टूट गया है।वहीं, डोडा-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़ी-बड़ी चट्टानों का ढेर लग गया है। इन्हें तोड़कर पूरी तरह हटाने में कई दिन लग सकते हैं। राजमार्ग पूरी तरह बंद है। बताया जाता है कि बादल ठाठरी कस्बे के ठीक ऊपर पहाड़ पर कैचमेंट क्षेत्र में फटा है। इसके बाद नीचे आए पानी का वेग इतना अधिक रहा कि जो भी सामने आया बहता चला गया।
कई वाहन चिनाब दरिया में बह गए। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ तथा अन्य विभागों की टीमें राहत एवं बहाली कार्य में लगातार जुटी हैं।मुंबई, पुणे और आसपास के जिलों में दो दिन की भारी बारिश के बाद मंगलवार को कुछ राहत मिली। बारिश रुकने के बाद रेल सेवाएं सामान्य हुई हैं। लेकिन नासिक जिले में बारिश ने तबाही मचाई है। जिले के त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी और सुरगाणा तालुकों में भारी बारिश हुई, जिससे कई जगह सड़कें बह गईं। जिससे गोदावरी नदी उफान पर आ गई, लेकिन मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बादल फटने जैसी कोई घटना नहीं हुई।हिमाचल प्रदेश में कुल्लू जिले के निरमंड और गड़सा घाटी में दो जगह बादल फटे।
निरमंड के नगेड़ गांव के ऊपर बादल फटने से आई बाढ़ से नगेड़ खड्ड में पानी बढ़ गया। राउगी को जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। खेतों के साथ बगीचों को भी नुकसान पहुंचा है।
