कैंसर के खिलाफ जंग: असम बना नंबर वन, सर्वाइवल दर 62 प्रतिशत; राष्ट्रीय औसत से 22 फीसदी अधिक
62 प्रतिशत कैंसर सर्वाइवल रेट (देश में सबसे अधिक) राष्ट्रीय औसत 40 प्रतिशत 17 कैंसर अस्पतालों का लक्ष्य 12 अस्पताल संचालित 1.24 करोड़ लोगों की
62 प्रतिशत कैंसर सर्वाइवल रेट (देश में सबसे अधिक) राष्ट्रीय औसत 40 प्रतिशत 17 कैंसर अस्पतालों का लक्ष्य 12 अस्पताल संचालित 1.24 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य 47 लाख लोगों की जांच पूरी 900 मरीजों में शुरुआती चरण में कैंसर की पहचान 2,26,923** मामले पंजीकृत 71,517 नए कैंसर मरीज 5,85,533 ओपीडी परामर्श 48,659 मरीज भर्ती 1,56,973 कीमोथेरेपी सत्र 17,408 रेडियोथेरेपी 9,563 बड़ी सर्जरी 1 लाख से अधिक सीटी स्कैन जिला स्तर तक कैंसर उपचार की सुविधा बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग से शुरुआती पहचान सरकारी योजनाओं के तहत निःशुल्क उपचार जल्द शुरू होगी देश की पहली प्रोटॉन थेरेपी सुविधा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने अन्य राज्यों को भी इस मॉडल का अध्ययन करने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि असम ने कैंसर उपचार को केवल गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ जैसे बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि पूरे राज्य में अस्पतालों और उपचार केंद्रों का मजबूत नेटवर्क तैयार किया है।
राज्य में 17 कैंसर अस्पतालों का नेटवर्क विकसित किया जा रहा है, जिनमें से 12 अस्पताल फिलहाल संचालित हैं। इनमें गुवाहाटी का स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, डिब्रूगढ़, बरपेटा, सिलचर और दीफू के व्यापक कैंसर केंद्र तथा लखीमपुर, जोरहाट, दरांग, तेजपुर, कोकराझार, गोलाघाट और तिनसुकिया के डायग्नोस्टिक एवं डे-केयर सेंटर शामिल हैं।अशोक सिंघल ने बताया कि कैंसर की शुरुआती पहचान पर विशेष जोर दिया गया है। राज्य सरकार ने 1.24 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है। अब तक करीब 47 लाख लोगों की जांच की जा चुकी है, जिससे 900 से अधिक मरीजों में शुरुआती चरण (स्टेज-1 और स्टेज-2) में कैंसर की पहचान हुई है। उन्होंने कहा कि पहले ऐसे मरीज अक्सर बीमारी के अंतिम चरण में अस्पताल पहुंचते थे, जबकि अब समय रहते इलाज मिलने से उनके स्वस्थ होने और लंबे समय तक जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ गई है।स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी घोषणा की कि असम जल्द ही देश का पहला राज्य बनेगा, जहां कैंसर मरीजों के लिए प्रोटॉन थेरेपी की सुविधा उपलब्ध होगी।
यह अत्याधुनिक उपचार तकनीक अगले कुछ सप्ताह में शुरू होने की उम्मीद है। प्रोटॉन थेरेपी को कैंसर उपचार की सबसे उन्नत तकनीकों में माना जाता है, जिससे आसपास के स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचता है और जटिल मामलों में बेहतर परिणाम मिलते हैं।उन्होंने बताया कि मई 2026 तक असम कैंसर केयर नेटवर्क में 2,26,923 मामले पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 71,517 नए कैंसर मरीज शामिल हैं। इस दौरान नेटवर्क के अस्पतालों में 5,85,533 ओपीडी परामर्श, 48,659 मरीजों का भर्ती उपचार, 1,56,973 कीमोथेरेपी सत्र, 17,408 मरीजों को रेडियोथेरेपी, 9,563 बड़ी सर्जरी और एक लाख से अधिक सीटी स्कैन किए गए। विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में मरीजों को निःशुल्क इलाज भी उपलब्ध कराया गया।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि असम के कैंसर उपचार मॉडल को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने अन्य राज्यों के लिए अनुकरणीय माना है।
