Maharashtra: 'बालिग को अपने घर लौटने के लिए राज्य नहीं कर सकता मजबूर', बॉम्बे हाईकोर्ट ने क्यों कि ये टिप्पणी?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि कोई भी बालिग महिला अपनी इच्छा से यह तय करने के लिए पूरी तरह
बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि कोई भी बालिग महिला अपनी इच्छा से यह तय करने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है कि वह कहां रहेगी, किससे शादी करेगी और आगे पढ़ाई करेगी या नहीं।
राज्य या उसके अधिकारी उसे जबरन माता-पिता के घर लौटने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र गुघे और न्यायमूर्ति गौतम अंखाड
की खंडपीठ ने 2 जुलाई को दिए अपने आदेश में यह टिप्पणी की। इस आदेश की प्रति मंगलवार को उपलब्ध हुई।
