CCTV में कैद हुआ वायनाड भूस्खलन का खौफनाक मंजर: खिलौने की तरह बह गया टैंकर, देखते-देखते दब गए कई लोग
सामने आए भूस्खलन के वीडियो में एक टैंकर, बस और कुछ लोग तेजी से बह रहे मलबे और पानी की चपेट में आ गए। वीडियो
सामने आए भूस्खलन के वीडियो में एक टैंकर, बस और कुछ लोग तेजी से बह रहे मलबे और पानी की चपेट में आ गए। वीडियो में दिख रहा है कि भूस्खलन के बाद तेजी से बहकर आए मलबे के चलते टैंकर और बस कई सौ मीटर पीछे फिसलकर आ गए। जिससे उसकी चपेट में कई लोग आ गई। कुछ लोग तो भूस्खलन की चपेट में आने से बच गए, लेकिन कई लोग उस मलबे में दबे होने की आशंका है।प्रत्यक्षदर्शी अजमल ने बताया, "पहले हमें हल्की सी आवाज सुनाई दी। हम सभी तुरंत दुकान से बाहर निकल आए। शुरुआत में पहाड़ी का थोड़ा हिस्सा ही खिसकता दिखा, लेकिन देखते ही देखते वह बड़ा भूस्खलन बन गया।
हमने आसपास मौजूद लोगों को तुरंत वहां से भागने के लिए कहा। बस स्टॉप पर कई लोग खड़े थे और कुछ मजदूर भी काम कर रहे थे। तभी पुल के दूसरी तरफ खड़ा एक टैंकर भूस्खलन की चपेट में आ गया और बहता हुआ हमारी ओर आ गया।मुझे लगता है कि 10 से 15 लोग मलबे में दब गए हैं। अब तक चार लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। अभी यह साफ नहीं है कि पुल पर मौजूद लोग नदी में गिर गए या मलबे के नीचे फंसे हुए हैं।दस घायल लोगों का दो अस्पतालों में इलाज चल रहा है जबकि बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं।
इस बड़े भूस्खलन में एक चर्च और पास का एक घर भी बह गया। अच्छी बात यह रही कि घर पर ताला लगा था क्योंकि उसमें रहने वाले लोग मक्का की तीर्थयात्रा पर गए हुए थे और घटना के समय चर्च के अंदर भी कोई नहीं था। प्रभावित इलाकों को जोड़ने वाला एक पुल मलबे के नीचे दब गया है, जिससे बचाव कार्यों में भारी रुकावट पैदा हुई।बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है और भारी मात्रा में मलबा हटाने और लापता लोगों की तलाश के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह भूस्खलन कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास हुआ। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि लगातार बारिश के कारण साइट पर खोदी गई मिट्टी के बड़े ढेर ढह गए, जिससे काम करने वाली जगह का कुछ हिस्सा मलबे में दब गया।यह घटना मेप्पाडी में हुई बहुत ज्यादा बारिश के बाद हुई, जहां पिछले 24 घंटों में 226 मिमी बारिश दर्ज की गई।यह इलाका पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है और जब मिट्टी खिसकने की घटना हुई, तो पास ही कई निजी गाड़ियां और निर्माण कार्य में लगे मजदूरों को लाने-ले जाने वाली एक बस खड़ी थी।
बचाव कर्मियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी लोग दबे हो सकते हैं।
