चढ़ावा चोरी की FIR कराने वाले कृष्ण मोहन नए महासचिव:ifs से रिटायर्ड होने के बाद RSS में आए, 10 महीने पहले ट्रस्ट में शामिल हुए
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितंबर 2025 में उनकी जगह रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सितंबर 2025 में उनकी जगह रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को ट्रस्टी बनाया जाता है। महज 10 महीने में ही वह ट्रस्ट के सबसे ताकतवर महासचिव पद तक पहुंच गए। रामलला मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद चंपत राय ने इस्तीफा दिया, जिससे महासचिव पद रिक्त हो गया। अब पद को संभालने वाले कृष्ण मोहन वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने ट्रस्ट की ओर से चढ़ावा चोरी की सबसे पहली FIR कराई थी। 73 साल के कृष्ण मोहन दलित समाज के हैं। 1977 बैच के IFS अफसर रहे कृष्ण मोहन साल- 2012 में संघ से जुड़े थे। अभी वह संघ के पूर्वी यूपी के क्षेत्र संघचालक (क्षेत्र प्रभारी) हैं।
साल 2024 में जब राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई, तब वह यजमानों में शामिल थे। यूपी के हरदोई के रहने वाले हैं कृष्ण मोहन कृष्ण मोहन मूलरूप से हरदोई के शाहाबाद के रहने वाले हैं। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में एमएससी तक पढ़ाई की थी। कृष्ण मोहन के 2 भाई और 4 बहनें हैं। उनके छोटे भाई महेंद्र सिंह लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। कृष्ण मोहन की शादी कुसुमलता से हुई थी। दोनों के एक बेटा सौरव और बेटी स्नेहा मोहन हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। इस समय हरदोई वाले घर पर उनके ड्राइवर का परिवार रहता है। कृष्ण मोहन ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में परमाणु ऊर्जा विभाग में कुछ साल तक काम किया था।
साल- 1977 में वह भारतीय वन सेवा (IFS) के लिए चुने गए। इस सेवा में उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में काम किया। इससे उनके पास मैनेजमेंट स्किल्स हैं। 2012 से RSS से जुटे कृष्ण मोहन साल- 2012 में नौकरी से रिटायर हो गए थे। इसके बाद वह RSS से भी जुड़ गए। संघ के नागपुर मुख्यालय से लेकर भाजपा और ट्रस्ट के शीर्ष पदाधिकारियों के बीच उनकी छवि बेहद ईमानदार और भरोसेमंद व्यक्ति की है। इसी मजबूत पकड़ के कारण वे बहुत कम समय में संघ के इतने बड़े पद तक पहुंचे। राम मंदिर ट्रस्ट में महासचिव सबसे ताकतवर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में महासचिव ट्रस्ट का सबसे ताकतवर पद है। महासचिव ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी की तरह होता है।
ट्रस्ट के संचालन से दान की निगरानी तक सारी जिम्मेदारी महासचिव की ही होती है। कृष्ण मोहन के सामने श्रद्धालुओं का विश्वास जीतने की चुनौती कार्यवाहक महासचिव बनने के ऐलान के बाद कृष्ण मोहन ने कहा- चढ़ावा चोरी के आरोपियों को सजा दिलाएंगे। प्रबंधन की कमियों का फायदा उठाया गया, कमियों को दूर करेंगे ताकि दोबारा ऐसी घटना न हो। समाज में अविश्वास है। विश्वास को दोबारा स्थापित करेंगे। उनका यह बयान बताता है कि उनके सामने क्या चुनौतियां हैं। हालांकि इसके अलावा भी उनके सामने कई चुनौतियां और जिम्मेदारी हैं। जैसे