बंगलूरू खदान हादसा: कर्नाटक सरकार को NHRC का नोटिस, कब तक देनी होगी रिपोर्ट? हादसे में सात मजदूर हुए थे हताहत
मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित खबरें सही हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का संकेत
मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित खबरें सही हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का संकेत देता है। शुरुआती जानकारी से यह भी सामने आया है कि हादसा खदान मालिक की कथित लापरवाही के कारण हुआ हो सकता है। इसी आधार पर एनएचआरसी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। हादसे के समय 16 मजदूर कर रहे थे काम जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय खदान में करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से एक बड़ी ग्रेनाइट चट्टान खिसककर मजदूरों पर गिर गई, जिससे सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच मजदूर घायल हो गए। खदान में हादसे की जांच जारी पुलिस ने पहले ही इस हादसे के लिए शुरुआती तौर पर लापरवाही को जिम्मेदार बताया था।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिस इलाके में हादसा हुआ वहां दो स्टोन क्रशर भी संचालित हो रहे थे। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसे की असली वजह क्या थी और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। एनएचआरसी ने कर्नाटक सरकार से कहा है कि वह दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे, जिसमें हादसे के कारण, जांच की प्रगति और पीड़ितों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल हो। आयोग ने कहा कि यदि मीडिया में प्रकाशित खबरें सही हैं, तो यह मामला मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का संकेत देता है। शुरुआती जानकारी से यह भी सामने आया है कि हादसा खदान मालिक की कथित लापरवाही के कारण हुआ हो सकता है। इसी आधार पर एनएचआरसी ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है।जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय खदान में करीब 16 मजदूर काम कर रहे थे।
इसी दौरान ऊपर से एक बड़ी ग्रेनाइट चट्टान खिसककर मजदूरों पर गिर गई, जिससे सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच मजदूर घायल हो गए।पुलिस ने पहले ही इस हादसे के लिए शुरुआती तौर पर लापरवाही को जिम्मेदार बताया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिस इलाके में हादसा हुआ वहां दो स्टोन क्रशर भी संचालित हो रहे थे। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसे की असली वजह क्या थी और सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं। एनएचआरसी ने कर्नाटक सरकार से कहा है कि वह दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपे, जिसमें हादसे के कारण, जांच की प्रगति और पीड़ितों के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल हो। कर्नाटक की राजधानी बंगलूरू में ग्रेनाइट खदान में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है।
आयोग ने इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कर्नाटक सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2 जुलाई को बंगलूरू की एक खदान में एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान मजदूरों पर गिर गई थी। इस हादसे में सात प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हुए थे। मृतकों में पांच मजदूर मध्य प्रदेश के रहने वाले थे।
