माचिस बिजनेस, कीमत 2 रुपये, एक डिब्बी में कितनी तीलियां?
घरेलू बाजार में मांग घटने के बावजूद भारत का माचिस उद्योग बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है. भारतीय माचिसों की मांग आज भी अफ्रीकी देशों
घरेलू बाजार में मांग घटने के बावजूद भारत का माचिस उद्योग बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हुआ है. भारतीय माचिसों की मांग आज भी अफ्रीकी देशों, मिडिल ईस्ट और लैटिन अमेरिका में बहुत ज्यादा है.
घरेलू गिरावट की भरपाई भारतीय कंपनियां विदेशों में एक्सपोर्ट करके कर रही हैं. ग्रामीण इलाकों में, जहां बिजली की कटौती ज्यादा होती है या आज
भी पारंपरिक चूल्हों का इस्तेमाल होता है, वहां माचिस की मांग बनी हुई है. इसके अलावा ढाबों, चाय की दुकानों और होटलों में भी इसका
उपयोग होता है.
