Lucknow, India

MHA: 'अवैध घुसपैठ से बदल रही जनसंख्या', गृह मंत्रालय ने जताई चिंता; कहा- सीमावर्ती इलाकों से आगे बढ़ा असर

Published 26 May 2026 · politics

केंद्र सरकार ने देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलावों को लेकर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि अवैध प्रवास के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव अब केवल सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनका असर शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक गलियारों, आदिवासी इलाकों और सामाजिक रूप

केंद्र सरकार ने देश में अवैध घुसपैठ और असामान्य जनसंख्या बदलावों को लेकर चिंता जताई है। गृह मंत्रालय ने कहा है कि अवैध प्रवास के कारण होने वाले जनसांख्यिकीय बदलाव अब केवल सीमावर्ती जिलों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उनका असर शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक गलियारों, आदिवासी इलाकों और सामाजिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। इसी मुद्दे की विस्तृत जांच और अध्ययन के लिए केंद्र सरकार ने एक हाई लेवल कमेटी ऑन डेमोग्राफिक चेंजेज का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर करेंगे।

असामान्य बसावट पैटर्न आर्थिक अवसरों के कारण जनसंख्या बदलाव सामाजिक और पर्यावरणीय कारक धार्मिक और सामाजिक समुदायों की जनसंख्या संरचना में बदलाव गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि देश के कई हिस्सों में जनसंख्या संरचना में ऐसे बदलाव देखे गए हैं, जिन्हें सामान्य जन्म दर या मृत्यु दर से नहीं जोड़ा जा सकता। मंत्रालय के अनुसार, इसके पीछे अवैध घुसपैठ, अनियमित आबादी का स्थानांतरण और प्रशासनिक लापरवाही जैसे कारण हो सकते हैं। अधिसूचना में कहा गया कि इन बदलावों का असर अब सार्वजनिक सेवाओं, स्थानीय प्रशासन, संसाधनों के वितरण और सामाजिक संतुलन पर भी पड़ रहा है।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कल यानी मंगलवार को इस समिति के गठन की घोषणा की थी।

समिति का मुख्यालय नई दिल्ली में होगा और इसमें जनगणना आयुक्त के अलावा पूर्व आईएएस अधिकारी दुर्गा शंकर मिश्रा, पूर्व आईपीएस अधिकारी बालाजी श्रीवास्तव और डॉ. शामिका रवि सदस्य होंगे। समिति को एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।हाई लेवल कमेटी देशभर में हो रहे जनसंख्या बदलावों के कारणों का अध्ययन करेगी। इसमें निम्न बिंदुओं पर विशेष फोकस रहेगा समिति यह भी सुझाव देगी कि देश में रह रहे अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन के लिए किस तरह की कानूनी और प्रशासनिक व्यवस्था बनाई जाए।

गृह मंत्रालय ने कहा कि समिति सीमा प्रबंधन को मजबूत करने, जनसंख्या स्थिरीकरण और पहचान प्रणालियों को बेहतर बनाने के लिए भी सुझाव देगी। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय के लिए व्यापक नीति ढांचा तैयार करने की सिफारिश भी करेगी।

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