सफलता की सनक या डिप्रेशन का जाल? रिजल्ट की चिंता क्यों है खतरनाक
Quote of the Day: आज के दौर में हम अपनी हर खुशी को किसी न किसी टारगेट या रिजल्ट से बांध देते हैं. नौकरी में
Quote of the Day: आज के दौर में हम अपनी हर खुशी को किसी न किसी टारगेट या रिजल्ट से बांध देते हैं. नौकरी में बड़ा हाइक, बिजनेस में अचानक मुनाफा या समाज से मिलने वाली वाहवाही अगर यह सब तुरंत न मिले, तो मन हताश हो जाता है. नतीजों की यही अंतहीन दौड़ हमें डिप्रेशन और तनाव की ओर धकेल रही है. आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु का मानना है कि जब तक आप अपना पूरा ध्यान सिर्फ परिणाम (Results) पर टिकाए रखेंगे, तब तक आप जीवन के वास्तविक आनंद और अपनी खुद की क्षमता का अनुभव कभी नहीं कर पाएंगे.
