Assam Cabinet: असम में कारोबार होगा आसान, जमीन बिक्री के नियम बदलेंगे, किन अहम विधेयकों को मिली मंजूरी?
असम कैबिनेट ने रविवार को सात अहम विधेयकों को मंज़ूरी दी। इनमें 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (कारोबार में आसानी) और MSME इकाइयों की स्थापना को
असम कैबिनेट ने रविवार को सात अहम विधेयकों को मंज़ूरी दी। इनमें 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (कारोबार में आसानी) और MSME इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने वाले विधेयक प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि इन सभी विधेयकों को विधानसभा के आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने पुलिस के लिए एकीकृत इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम और अमूल के नए डेयरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है। राज्य विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू होगा। कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि मंज़ूर किए गए सात विधेयकों में असम भूमि एवं राजस्व विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2026 भी शामिल है। इस संशोधन के तहत धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों के आसपास की जमीन केवल उन्हीं लोगों को बेची जा सकेगी, जिनके परिवार बरपेटा, बटाद्रवा और माजुली में पिछली तीन पीढ़ियों से रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस विधेयक को विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी थी, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजे जाने पर केंद्र सरकार ने इसे और प्रभावी बनाने के लिए कुछ सुझाव दिए थे। अब उन सुझावों को शामिल करते हुए संशोधित विधेयक दोबारा लाया जाएगा।कैबिनेट ने असम ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंज़ूरी दी है।
इसके लागू होने के बाद विभिन्न प्रकार के कारोबार शुरू करने के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा मिलेगी, जिससे उद्यमियों को अलग-अलग विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।मंत्रिपरिषद ने असम माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज़ (स्थापना एवं संचालन में सुविधा) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदूषण न फैलाने वाले क्षेत्रों में स्थापित होने वाली MSME इकाइयों को पहले तीन वर्षों तक सरकारी मंजूरी के बिना ही संचालन शुरू करने की अनुमति होगी।कैबिनेट ने असम पर्यटन (विकास एवं पंजीकरण) (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। यह विधेयक होमस्टे, होटल और अन्य पर्यटन प्रतिष्ठानों के पंजीकरण से संबंधित है। मुख्यमंत्री ने बताया कि औपनिवेशिक दौर का सराय अधिनियम समाप्त कर दिया जाएगा और उसके आवश्यक प्रावधान नए कानून में शामिल कर दिए जाएंगे।बैठक में असम जन विश्वास विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत टाउन एंड कंट्री प्लानिंग तथा भूमि पुनर्वर्गीकरण से जुड़े कुछ प्रावधानों को सरल बनाया जाएगा। इसके साथ ही गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी डेवलपमेंट अथॉरिटी विधेयक, 2026 को भी मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे उन अटकलों पर विराम लगेगा, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सैटेलाइट सिटी परियोजना निजी कंपनियों को सौंपी जा रही है।
उन्होंने कहा, 'कई लोग कह रहे थे कि सरकार सैटेलाइट सिटी के विकास के नाम पर अडानी और अंबानी को जमीन देने जा रही है। अब यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस परियोजना का विकास सरकार स्वयं करेगी।' हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि अडानी और अंबानी जैसे बड़े कॉर्पोरेट समूह राज्य में निवेश करते हैं तो इससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।कैबिनेट ने एक अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को भी मंज़ूरी दी है। इसके तहत पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य सेवाओं और आपदा प्रबंधन को एक ही तकनीक आधारित 24×7 प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। नागरिक केवल 112 डायल करके इन सभी सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि डेरगांव स्थित लचित बरफुकन पुलिस अकादमी में नया इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर बनाया जाएगा। वहीं, असम पुलिस इमरजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम (डायल-112) परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सी-डैक (C-DAC) की सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और तेलंगाना जैसे राज्यों में पहले से ऐसी व्यवस्था लागू है और अब असम भी इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।कैबिनेट ने पहले लागू किए गए मितव्ययिता उपायों में आंशिक ढील देते हुए मंत्रियों और सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं पर लगी रोक हटाने का निर्णय लिया।
