फिर सुर्खियों में तमिलनाडु लोकभवन: विजय सरकार में वन मंत्री के गंभीर आरोप, राज्यपाल के हस्तक्षेप पर क्या बोले?
विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने रविवार को तमिलनाडु में ऑनर किलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अलग कानून बनाने की अपनी मांग दोहराई।
विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) ने रविवार को तमिलनाडु में ऑनर किलिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए अलग कानून बनाने की अपनी मांग दोहराई। पार्टी ने कहा कि इस दिशा में विधायी स्तर पर प्रयास जारी हैं और जल्द ही सकारात्मक परिणाम सामने आ सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत में सामाजिक न्याय मंत्री वन्नी अरासु ने कहा कि VCK का स्पष्ट और अडिग रुख है कि ऑनर किलिंग जैसी जघन्य घटनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।
ऐसे अपराधों को किसी भी स्थिति में न तो स्वीकार किया जा सकता है और न ही उन्हें किसी तरह का संरक्षण मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, 'विधानसभा में अपने पहले ही भाषण के दौरान मैंने ऑनर किलिंग रोकने के लिए एक अलग और समर्पित कानून बनाने की मांग उठाई थी। VCK ने पहले भी इस सामाजिक बुराई के खिलाफ कई आंदोलन और विरोध प्रदर्शन किए हैं।'वन्नी अरासु ने भरोसा जताते हुए कहा, 'बहुत जल्द आप ऑनर किलिंग के खिलाफ एक समर्पित कानून बनते देखेंगे।
जब ऐसा होगा, तब आप भी इस पहल की सराहना करेंगे।'तमिलनाडु के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाने के जवाब में मंत्री ने कहा कि उनकी गतिविधियां संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गवर्नर लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के समानांतर प्रशासन चलाने की कोशिश कर रहे हैं, जो संविधान की भावना के खिलाफ है।मंत्री ने कहा, 'गवर्नर को लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद का सम्मान करना चाहिए।
इसके बजाय वे समानांतर सरकार चलाने की कोशिश कर रहे हैं और जनता से सीधे उनके पास शिकायतें और याचिकाएं देने की अपील कर रहे हैं। यह संवैधानिक परंपराओं और नियमों के विपरीत है।'
