अभिषेक बनर्जी पर पुलिस की सख्ती: पुराने केस में बढ़ने वाली है मुश्किलें; जमा किए दस्तावेज फिर भी मिलेगा नोटिस?
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में रविवार को
तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में रविवार को कालीघाट पुलिस थाने में मांगे गए दस्तावेज जमा करा दिए। पुलिस ने इस मामले में उनसे कई दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा था। रविवार को उनके प्रतिनिधि ने थाने पहुंचकर ये दस्तावेज पुलिस को सौंपे। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने जिन सभी दस्तावेजों की मांग की थी, उनमें से कुछ अभी भी उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि शेष दस्तावेज जमा कराने के लिए पुलिस अभिषेक बनर्जी को एक और नोटिस जारी कर सकती है।पुलिस ने अभिषेक बनर्जी को शनिवार तक दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए थे।
हालांकि तय समय सीमा तक दस्तावेज नहीं पहुंचे। इसके बाद समयसीमा समाप्त होने के उपरांत उनके प्रतिनिधि ने रविवार को कालीघाट थाने पहुंचकर दस्तावेज जमा कराए।बुधवार (1 जुलाई) को दक्षिण कोलकाता के कालीघाट पुलिस थाने में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। यह शिकायत बागुईआटी निवासी राजीव सरकार ने दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि अभिषेक बनर्जी के काफिले में चल रही कार को सुरक्षा कर्मी बेहद खतरनाक तरीके से चला रहे थे, जिससे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं का उल्लंघन हुआ।शिकायतकर्ता ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की धारा 123 के तहत चलती गाड़ी में लटककर यात्रा करना प्रतिबंधित है।
वहीं धारा 184 के अनुसार, खतरनाक तरीके से वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर उन्होंने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही या तेज गति से वाहन चलाकर लोगों की जान खतरे में डालना), धारा 125, धारा 223 और धारा 3(5) के साथ-साथ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की संबंधित धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।अभिषेक बनर्जी पहले से ही कथित भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच के दायरे में हैं।
इसके अलावा सिग्नेचर मैच न होने से जुड़े मामले और "4 मई के बाद DJ बजेगा" वाले उनके विवादित बयान को लेकर भी वे चर्चा में रहे हैं।
