प्रशांत किशोर बांकीपुर से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव:नितिन नवीन के गढ़ में बीजेपी को देंगे टक्कर; जानिए BJP से कौन हो सकता है उम्मीदवार
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी घोषणा की
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर जनसुराज पार्टी की ओर से प्रशांत किशोर उम्मीदवार होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी घोषणा की है। प्रशांत किशोर ने कहा, “चार सालों से जन सुराज ही मेरी जिंदगी है। पार्टी ने मुझे जो जिम्मेदारी दी है उसे पूरा करने का प्रयास करूंगा। बांकीपुर से अगर जीत मिलती है तो उससे पार्टी का मनोबल काफी बढ़ेगा और पार्टी आगे बढ़ेगी।” बता दें नितिन नवीन के राज्यसभा सांसद बनने के बाद से ही पीके के बांकीपुर से चुनाव लड़ने की चर्चा थी। पिछले दिनों खुद पीके ने कहा था- अगर मेरे चुनाव लड़ने से भाजपा बांकीपुर जैसी मजबूत सीट हारती है, तो मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। BJP से ये हो सकते हैं उम्मीदवार भाजपा ने अभी अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। हालांकि, सूत्रों की मानें तो नील रतन घोष का नाम लगभग फाइनल है। 1.नील रतन घोष: बीजेपी ने उम्मीदवार चुनने में उनकी पसंद का ख्याल रखा है। स्थानीय कार्यकर्ताओं की मांग पर नील रतन घोष (नीलू दा) को टिकट मिल सकता है। भाजपा के पुराने कार्यकर्ता हैं। नितिन नवीन के साथ लंबे समय रहे हैं। उनके विश्वासी हैं। नितिन नवीन भी इन्हें सम्मान देते हैं। पर्दे के पीछे से नितिन नवीन का पूरा काम संभाल रहे थे। नीलू मंदिरी के रहने वाले हैं,मूल रूप से पश्चिम बंगाल के हैं। रेस में इनके भी नाम 2. अजय आलोक नेशनल मीडिया में भाजपा के मजबूत चेहरे के रूप में पहचाने जाने वाले अजय आलोक को भी बांकीपुर में नितिन नवीन के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जा रहा है। कायस्थ जाति से आने वाले डॉ. आलोक के पिता पद्म श्री गोपाल प्रसाद सिन्हा बड़े डॉक्टर हैं। पटना में इनकी एक अलग छवि है। 2003 में अपना पॉलिटिकल करियर शुरू करने वाले आलोक ने 2005 में कैमूर के चैनपुर विधानसभा सीट से LJP के टिकट पर चुनाव लड़ा था। 2010 के चुनाव में भी इन्होंने इसी सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। वे दोनों चुनाव हार गए।
इसके बाद 2012 में जदयू जॉइन किया। पार्टी के प्रवक्ता और महासचिव बने। 2023 में जदयू से इस्तीफा देकर BJP का दामन थामा। फिलहाल BJP के राष्ट्रीय मीडिया का मुखर चेहरा हैं। 3. रणवीर नंदन भाजपा नेता रणवीर नंदन धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष हैं। इनके नाम की भी चर्चा बांकीपुर सीट के लिए है। रणवीर शिक्षित और सौम्य क्षवि के नेता माने जाते हैं। कायस्थ जाति से आते हैं। पटना के ही रहने वाले हैं। प्रो. रणवीर नंदन कभी नीतीश कुमार के भरोसेमंद माने जाते थे। 2014 में नीतीश ने इन्हें पहली बार अपनी पार्टी के कोटे से विधान परिषद भेजा था। 2020 में कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी की तरफ से इन्हें रिपीट नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने सितंबर 2023 में जेडीयू से इस्तीफा दे दिया था। जानिए क्यों बांकीपुर से चुनाव लड़ने जा रहे हैं प्रशांत किशोर 1. पार्टी और अपनी विश्वसनीयता बढ़ाना 2025 बिहार विधानसभा चुनाव जन सुराज पार्टी के लिए एक बड़ा रियलिटी चेक था। 2 अक्टूबर 2024 को पार्टी के औपचारिक गठन के बाद प्रशांत किशोर ने कड़ी मेहनत की। गांव-गांव घूमे। बड़ी उम्मीदों के साथ उन्होंने 243 में से 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। हालांकि, चुनाव परिणामों में जन सुराज एक भी सीट जीतने में नाकाम रही। सिर्फ एक सीट मढ़ौरा में दूसरे नंबर पर रही। पार्टी का वोट शेयर 3.4% रहा। यानी 16,77,583 वोट मिले। इस करारी हार के बाद जन सुराज के वजूद और क्रेडिबिलिटी (विश्वसनीयता) पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव की सीट राघोपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन बाद में हट गए थे। नहीं लड़े। इसकी खूब किरकिर हुई। अब बांकीपुर से चुनाव लड़कर प्रशांत किशोर लोगों को मैसेज देंगे कि पार्टी प्रयोग के दौर से बाहर निकल गई है। बिहार छोड़कर भागे नहीं हैं। प्रशांत किशोर मजबूत फाइट देते हैं या जीतते हैं तो यह साबित होगा कि जन सुराज सिर्फ कागजी या डिजिटल पार्टी नहीं है, बल्कि जमीन पर टिकने वाली राजनीतिक ताकत है।