Ketan Murder: 'शादी जो होने नहीं वाली', हत्या से पहले सिया ने किसे भेजा था ये मैसेज? पिता ने बेटी का किया बचाव
'बीच की उंगली' दिखाने के आरोप पर पिता की सफाई केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने शनिवार को
'बीच की उंगली' दिखाने के आरोप पर पिता की सफाई केतन अग्रवाल हत्याकांड की मुख्य आरोपी सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने शनिवार को मीडिया के सामने बेटी द्वारा कथित तौर पर अशोभनीय इशारा करने के आरोपों पर सफाई दी। उन्होंने दावा किया कि कानूनी कार्रवाई के दौरान जब पुलिस सिया को घर लेकर आई थी, तब कार का दरवाजा बंद होने के दौरान उसकी उंगलियों में चोट लग गई थी। वायरल वीडियो में क्या दिखा? गुरुवार को आईएएनएस द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सिया को पुणे के मार्केट यार्ड इलाके स्थित उसके घर से पुलिस द्वारा जांच के सिलसिले में बाहर ले जाते हुए देखा गया।
काली टी-शर्ट पहने और चेहरे को प्रिंटेड स्कार्फ से ढके सिया ने बाहर मौजूद पत्रकारों की ओर देखा और फिर कैमरों की दिशा में अपनी मध्यमा (बीच की) उंगली उठाई। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। किस वजह से सिया ने उठाया था हाथ? प्रवीण गोयल ने अपने द्वारा जारी वीडियो में कहा कि सिया पर मीडिया को बीच की उंगली दिखाने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता कुछ और है। उनके मुताबिक, कानूनी औपचारिकताओं के दौरान कार के दरवाजे में उसकी दो उंगलियां दब गई थीं। इसी वजह से एक उंगली पर पट्टी बंधी है, दूसरी सूजी हुई है और उसके नाखून भी नीले पड़ गए हैं।
उन्होंने कहा कि परिवार ने खुद यह चोट देखी है। पिता ने पुलिस का हवाला दिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सिया के व्यवहार की तीखी आलोचना हुई। कई लोगों ने उसके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों को देखते हुए इस कथित इशारे को असंवेदनशील और अनुचित बताया। हालांकि, प्रवीण गोयल ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोप सही नहीं हैं। उनका कहना है कि यदि किसी को संदेह है तो वह पुलिस से इसकी पुष्टि कर सकता है, क्योंकि उस समय पुलिस मौके पर मौजूद थी और पूरी घटना से परिचित है।
मोबाइल में दिखाई चोट की तस्वीर प्रवीण गोयल ने अपने मोबाइल फोन में सिया की सूजी हुई उंगली की तस्वीर भी दिखाई। उन्होंने कहा कि तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि उसकी उंगली सूजी हुई है और नाखून नीले पड़ गए हैं। उन्होंने दोहराया कि सोशल मीडिया पर जो दावे किए जा रहे हैं, वे तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं।
