Lucknow, India

'वह अब हिमालय का हिस्सा', एवरेस्ट पर ही रहेगा हैदराबाद के पर्वतारोही का शव; परिवार का फैसला

Published 27 May 2026 · india

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हैदराबाद के 53 वर्षीय पर्वतारोही और टेक प्रोफेशनल अरुण कुमार तिवारी के परिवार ने फैसला किया है कि उनका शव माउंट एवरेस्ट पर ही रहने दिया जाएगा। अरुण तिवारी की पिछले हफ्ते एवरेस्ट से उतरते समय हिलेरी स्टेप के पास मौत हो गई थी। परिवार ने

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हैदराबाद के 53 वर्षीय पर्वतारोही और टेक प्रोफेशनल अरुण कुमार तिवारी के परिवार ने फैसला किया है कि उनका शव माउंट एवरेस्ट पर ही रहने दिया जाएगा। अरुण तिवारी की पिछले हफ्ते एवरेस्ट से उतरते समय हिलेरी स्टेप के पास मौत हो गई थी। परिवार ने कहा कि यह फैसला सिर्फ पैसों की वजह से नहीं लिया गया, बल्कि उनकी धार्मिक आस्था, हिमालय के प्रति अरुण तिवारी के प्रेम और शव को वापस लाने की बेहद कठिन प्रक्रिया को देखते हुए लिया गया है। जिस जगह उनकी मौत हुई, उसे “डेथ जोन” कहा जाता है, जहां से शव लाना बेहद जोखिम भरा माना जाता है।

भारतीय टीम का संचालन करने वाली पायनियर एडवेंचर ने पहले शव को 8000 मीटर से अधिक ऊंचाई से नीचे लाने के लिए 1.14 लाख डॉलर यानी करीब 1.1 करोड़ रुपये का खर्च बताया था। बाद में इसे घटाकर 94 हजार डॉलर यानी करीब 89.7 लाख रुपये किया गया। कंपनी के मालिक निवेश कार्की ने कहा कि शव लाना एवरेस्ट फतह करने से भी ज्यादा खतरनाक काम होता है। शेरपा की सलाह के बावजूद आगे बढ़ते रहे निवेश कार्की के अनुसार, कैंप-4 से अंतिम चढ़ाई शुरू करने के बाद अरुण तिवारी बेहद थक गए थे।

उनके निजी शेरपा गाइड ने उन्हें वापस लौटने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। खबरें और भी कार्की ने बताया कि अरुण तिवारी ने कहा था कि जब शिखर इतना करीब और साफ दिखाई दे रहा है, तब वह अपना सपना अधूरा नहीं छोड़ सकते। उन्होंने आखिरकार एवरेस्ट फतह कर लिया, लेकिन नीचे उतरते समय हिलेरी स्टेप के पास उन्हें खून की उल्टी होने लगी। शेरपाओं ने अतिरिक्त ऑक्सीजन देकर उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही उनकी मौत हो गई। अरुण तिवारी भारतीय अभियान दल का हिस्सा थे, जिसमें 46 वर्षीय संदीप अरे भी शामिल थे।

संदीप अरे की भी एवरेस्ट से उतरते समय मौत हुई थी, लेकिन उनका शव नीचे लाया जा सका क्योंकि उनकी मौत कम ऊंचाई पर हुई थी। परिवार ने बताया धार्मिक कारण अरुण तिवारी अपने पीछे पत्नी और दो बेटियों को छोड़ गए हैं। उन्होंने 2025 में भी एवरेस्ट चढ़ने की कोशिश की थी, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से 7200 मीटर की ऊंचाई से वापस लौटना पड़ा था। इस सीजन में उन्होंने दोबारा प्रयास किया।

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