Railway: प्लेटफॉर्म पर चोरों की अब खैर नहीं! दिल्ली-मुंबई सहित बड़े स्टेशनों पर तैनात होंगे ट्राई ई-स्कूटर
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्राई ई-स्कूटर का सफल
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ट्राई ई-स्कूटर का सफल परीक्षण होने के बाद अब रेलवे राजधानी दिल्ली, मुंबई समेत देश के अन्य प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर भी इन्हें तैनात करने की तैयारी में है। इस पहल का मकसद आरपीएफ जवानों की गश्त को तेज, प्रभावी और आधुनिक बनाना है। चेन्नई सेंट्रल स्टेशन पर ट्राई ई-स्कूटर पर तैनात आरपीएफ जवान प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रण में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही यात्रियों से छीना-झपटी, चोरी और अन्य संदिग्ध गतिविधियों पर तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ने में भी यह व्यवस्था काफी कारगर साबित हुई है।
ट्रायल के सकारात्मक नतीजों को देखते हुए रेलवे अब इस सुविधा का विस्तार देश के अन्य बड़े स्टेशनों तक करने की योजना बना रहा है।सदर्न रेलवे के प्रिंसिपल चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर एवं आरपीएफ के आईजी अरूल ज्योति और मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) एस. एन. नारायण के मुताबिक, करीब ढाई महीने पहले चेन्नई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत दो ट्राई ई-स्कूटर तैनात किए गए थे। इनका प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहा, जिसके बाद पिछले महीने 10 और ट्राई ई-स्कूटर खरीदे गए। उन्होंने बताया कि अब इस व्यवस्था का दायरा बढ़ाते हुए रामेश्वरम, त्रिवेंद्रम और सदर्न रेलवे के अन्य प्रमुख स्टेशनों पर भी ट्राई ई-स्कूटर तैनात करने की तैयारी की जा रही है।
इसके लिए जल्द ही अतिरिक्त ई-स्कूटर खरीदे जाएंगे, ताकि आरपीएफ की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।आरपीएफ के आईजी अरूल ज्योति ने बताया कि ट्राई ई-स्कूटर की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था में दो बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। पहला, आरपीएफ जवान प्लेटफॉर्म पर भीड़ प्रबंधन और यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी देने का काम पहले से अधिक प्रभावी ढंग से कर पा रहे हैं। दूसरा, चोरी या छीना-झपटी जैसी घटना की सूचना मिलते ही जवान कुछ ही पलों में मौके पर पहुंच जाते हैं। कई मामलों में इन्हीं ई-स्कूटरों की मदद से भाग रहे आरोपियों को पकड़ने में भी सफलता मिली है।
उन्होंने बताया कि ट्राई ई-स्कूटर आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें सायरन, यात्रियों के लिए सार्वजनिक घोषणा (पीए) सिस्टम, हाई-इंटेंसिटी लाइट और जीपीएस जैसी सुविधाएं दी गई हैं। ये ई-स्कूटर 25 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकते हैं और एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 35 किलोमीटर तक का सफर तय करने में सक्षम हैं।
