Lucknow, India

Rajya Sabha Election 2026: राज्यसभा चुनाव में फिर क्रॉस वोटिंग का डर, BJP की रणनीति ने बढ़ाई कांग्रेस की चिंता

Published 27 May 2026 · politics

गौरतलब है कि इसी साल मार्च महीने में भाजपा ने ओडिशा और बिहार में संख्या बल की कमी के बावजूद विपक्ष को झटका दिया था, जबकि हरियाणा में कांग्रेस हारते-हारते बची थी। झारखंड जहां दो सीटों पर चुनाव है, वहां भाजपा ने एक उम्मीदवार उतारने की आधिकारिक घोषणा कर दी

गौरतलब है कि इसी साल मार्च महीने में भाजपा ने ओडिशा और बिहार में संख्या बल की कमी के बावजूद विपक्ष को झटका दिया था, जबकि हरियाणा में कांग्रेस हारते-हारते बची थी। झारखंड जहां दो सीटों पर चुनाव है, वहां भाजपा ने एक उम्मीदवार उतारने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। जहां तक संख्या बल की बात है तो यहां एक सीट पर जीत के लिए प्रथम वरीयता के 28 मत की जरूरत है। झामुमो, कांग्रेस, माले और राजद मिला कर विपक्षी गठबंधन के पास दोनों सीटें जीतने केलिए ठीक 58 विधायक हैं।भाजपा के पास 24 विधायकों का समर्थन है।

ऐसे में अगर विपक्षी खेमे के चार विधायक टूटे तो भाजपा की राह आसान हो जाएगी। मध्यप्रदेश में जहां तीन सीटों पर चुनाव है, वहां एक सीट केलिए 58 विधायकों का वोट चाहिए। कांग्रेस को 62 विधायकों का समर्थन हासिल है। दूसरी ओर भाजपा के पास दो सीटें जीतने के बाद 48 अतिरिक्त मत बचेंगे। यहां भी अगर कांग्रेस के विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की तो भाजपा तीसरी सीट पर भी बाजी मार सकती है। राज्य में पिछली बार हुए राज्यसभा चुनाव में वर्तमान केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के रूप में कांग्रेस में बड़ा पालाबदल हुआ था।बीते चुनाव की तरह इस चुनाव में भी कांग्रेस विधायकों की निष्ठा की परीक्षा होगी।

बीते चुनाव में बिहार में कांग्रेस के तीन विधायकों ने मतदान से दूरी बना कर तो ओडिशा में तीन विधायकों ने भाजपा समर्थित उम्मीदवार का समर्थन कर विपक्ष को झटका दिया था। हरियाणा में भी पार्टी के नौ विधायकों ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार को वोट नहीं दिया था। हालांकि राज्य में पांच वोटों के अवैध घोषित होने के कारण कांग्रेस उम्मीदवार को बमुश्किल जीत हासिल हुई थी।अगर चुनाव क्रॉस वोटिंग से अछूता रहा तब भी राजग को 17 सीटों के साथ दो सीटों का लाभ होगा। इसमें सर्वाधिक लाभ पार्टी की सहयोगी टीडीपी को और सर्वाधिक घाटा वाईएसआर कांग्रेस को होगा।

कांग्रेस को कर्नाटक में लाभ होगा, मगर गुजरात में पार्टी का प्रतिनिधित्व शून्य हो जाएगा। हालांकि पार्टी को तमिलनाडु में एक सीट नई सहयोगी टीवीके के तोहफेसे मिलेगी। टीवीके ने अन्नाद्रमुक के सीवी शणमुगम के विधायक बनने से खाली हुई सीट कांग्रेस को देने का संकेत दिया है। कर्नाटक में भाजपा पूर्व पीएम देवगौड़ा को समर्थन देगी।

Read full story on TheBriefWire

Loading…