Lucknow, India

Ebola Case: इबोला के लक्षण वाली युगांडा की महिला की रिपोर्ट निगेटिव, सरकार ने कहा- डरें नहीं, अलर्ट रहना जरूरी

Published 27 May 2026 · politics

भारत सरकार ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला वायरस संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वह वैश्विक स्तर पर विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश में सभी जरूरी एहतियाती कदम

भारत सरकार ने अफ्रीका के कुछ हिस्सों में फैले इबोला वायरस संक्रमण को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वह वैश्विक स्तर पर विकसित हो रही स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और देश में सभी जरूरी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्रालय ने युगांडा से लौटी महिला को लेकर क्या बताया? मंत्रालय के अनुसार, हाल ही में युगांडा की यात्रा कर लौटी एक महिला को एहतियात के तौर पर बंगलूरू स्थित सरकारी एपिडेमिक डिजीज हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया था। संबंधित व्यक्ति ने शरीर में हल्के दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उनका सैंपल जांच के लिए पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) भेजा गया। अब उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई है और उसमें इबोला वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

भारत में फिलहाल कोई भी पुष्ट मामला नहीं स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल भारत में इबोला वायरस डिजीज का कोई भी पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों और स्वास्थ्य एजेंसियों के साथ मिलकर स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। सरकार ने बताया कि देश के सभी निर्धारित एंट्री प्वाइंट्स, एयरपोर्ट्स और बॉर्डर हेल्थ सुविधाओं पर स्क्रीनिंग और सर्विलांस की प्रक्रिया जारी है। साथ ही पूरे सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण की जल्द पहचान कर आवश्यक कदम उठाए जा सकें। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचें तथा केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें।

डब्ल्यूएचओ ने इसके प्रकोप को लेकर जताई गंभीर चिंता स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि भारत वैश्विक बीमारियों के बदलते पैटर्न को देखते हुए पूरी तरह सतर्क है और संक्रमण की शुरुआती पहचान तथा त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित फैलाव को रोका जा सके। इधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में फैले इबोला बंडीबुग्यो प्रकोप को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपडेट में कहा कि कांगो में अब तक 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें 10 लोगों की मौत हुई है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि वास्तविक स्थिति इससे कहीं अधिक गंभीर हो सकती है, क्योंकि 900 से ज्यादा संदिग्ध मामलों और 220 संदिग्ध मौतों की जांच अभी जारी है।

उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी देश युगांडा में भी संक्रमण के नए मामले सामने आए हैं। वहां दो स्वास्थ्यकर्मियों में इबोला संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिसके बाद कुल पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर सात हो गई है, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। डब्ल्यूएचओ और उसकी साझेदार एजेंसियां संक्रमण को रोकने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य टीमें कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और निगरानी व्यवस्था को तेज कर रही हैं, ताकि संक्रमित लोगों की जल्द पहचान कर संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।

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