महाराष्ट्र में भी यूसीसी की तैयारी तेज: अगले हफ्ते हो सकता है समिति का एलान; सीएम फडणवीस ने और क्या-क्या कहा?
सरकार यूसीसी लागू करने के लिए क्या तैयारी कर रही? मुख्यमंत्री फडणवीस ने यूसीसी को लेकर क्या कहा? समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विचार संविधान
सरकार यूसीसी लागू करने के लिए क्या तैयारी कर रही? मुख्यमंत्री फडणवीस ने यूसीसी को लेकर क्या कहा? समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का विचार संविधान के नीति निदेशक तत्वों में शामिल है। डॉ. भीमराव आंबेडकर भी समान नागरिक कानून के पक्षधर थे। यूसीसी लागू होने पर विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में समान कानूनी व्यवस्था होगी। इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू करने का उद्देश्य पूरा होगा। इससे संविधान में निहित समानता और एकरूपता के सिद्धांत को मजबूती मिलेगी। देश के दूसरे राज्यों का क्या अनुभव? कांग्रेस ने सरकार के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी? कांग्रेस नेता सचिन सावंत ने कहा कि संविधान के नीति निदेशक तत्वों में समान नागरिक संहिता का प्रावधान पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के योगदान से भी जुड़ा है और इसका उल्लेख भी किया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि यूसीसी जैसा कानून व्यापक सहमति के आधार पर बनाया जाना चाहिए। उनके अनुसार मसौदा तैयार करने से पहले कानूनी विशेषज्ञों, वकीलों, विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों और अन्य पक्षों से विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कानून समावेशी और रचनात्मक होगा तो कांग्रेस उसका समर्थन करेगी, लेकिन यदि इसे केवल राजनीतिक विवाद या ध्रुवीकरण के लिए लाया गया तो पार्टी इसका विरोध करेगी। शिवसेना ने इस फैसले का स्वागत क्यों किया? क्या करेगी विशेषज्ञ समिति? महाराष्ट्र सरकार राज्य विधानसभा में विधेयक लाने से पहले विशेषज्ञ समिति गठित करेगी। यह समिति मौजूदा कानूनी व्यवस्था का अध्ययन करेगी, जरूरी दस्तावेजों की समीक्षा करेगी और महाराष्ट्र के लिए समान नागरिक संहिता का मसौदा तैयार करेगी। सरकार का उद्देश्य राज्य के लिए ऐसा कानूनी ढांचा तैयार करना है, जिसे आगे विधानसभा में पेश किया जा सके।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि समिति के गठन की घोषणा अगले सप्ताह किए जाने की संभावना है।महाराष्ट्र ऐसे समय में यूसीसी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जब देश में इस विषय पर चर्चा तेज है। उत्तराखंड स्वतंत्रता के बाद समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है। महाराष्ट्र सरकार भी मसौदा तैयार करते समय उत्तराखंड के अनुभव का अध्ययन करेगी। इसके अलावा गुजरात और असम जैसे राज्यों ने भी समान नागरिक संहिता या व्यक्तिगत कानूनों में सुधार का समर्थन किया है।शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता लंबे समय से पार्टी की वैचारिक प्राथमिकताओं में शामिल रही है। उन्होंने कहा कि दिवंगत बाल ठाकरे ने भाजपा के साथ राम मंदिर निर्माण, जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और समान नागरिक संहिता जैसे प्रमुख मुद्दों पर वैचारिक सहमति बनाई थी।
कायंदे ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र जल्द यूसीसी लागू करने वाले प्रमुख राज्यों में शामिल होगा।विशेषज्ञ समिति के गठन के बाद वह विभिन्न कानूनों और प्रावधानों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें तैयार करेगी। इसके आधार पर महाराष्ट्र के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार होगा। इसके बाद सरकार विधेयक को विधानसभा में पेश करने पर फैसला करेगी। फिलहाल सरकार की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि विभिन्न राजनीतिक दल इस मुद्दे पर अपने-अपने विचार सामने रख रहे हैं।
