E20: इथेनॉल प्रायोगिक ईंधन नहीं, एक सदी से भी अधिक समय से इस्तेमाल कर रही दुनिया
दुनियाभर में इसका इस्तेमाल एक सदी से भी अधिक समय से परिवहन ईंधन के तौर पर किया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण भारत
दुनियाभर में इसका इस्तेमाल एक सदी से भी अधिक समय से परिवहन ईंधन के तौर पर किया जा रहा है। पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण भारत की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ऐसे में भारत का इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल कार्यक्रम साफ-सुथरे परिवहन ईंधन की ओर हो रहे वैश्विक बदलाव का ही एक हिस्सा है, न कि कोई अलग-थलग पहल।
अमेरिका में 10% इथेनॉल (ई10) वाला पेट्रोल, इथेनॉल-मिश्रण ईंधन का मानक रूप है। अमेरिकी सरकार के समर्थन से ई-15 भी बाजार में है। अमेरिका में लाखों फ्लेक्स-फ्यूल वाहन (एफएफवीएस) ई-85 तक के मिश्रण पर चलने में सक्षम हैं। इथेनॉल के इस्तेमाल में दुनिया में सबसे आगे रहने वाले ब्राजील ने पेट्रोल में 27% इथेनॉल मिलाने (ई27) को आवश्यक बनाया है। हाल ही में उसने इसे बढ़ाकर लगभग 35% करने का फैसला किया है।सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने दिसंबर 2025 में 20% इथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर लिया।
वित्त वर्ष 2014-15 (मई 2026 तक) से, इथेनॉल मिश्रण पेट्रोल कार्यक्रम के चलते 1.90 लाख करोड़ से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई। किसानों को 1.60 लाख करोड़ से ज्यादा का तेजी से भुगतान, लगभग 930 लाख मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी और 310 लाख मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल की जगह इथेनॉल का इस्तेमाल किया गया।स्पोर्ट्स कोरों में भी उपयोग: ऑक्टेन नंबर बहुत अधिक (लगभग 108 आरओएन) होने के कारण, इथेनॉल को उच्च-प्रदर्शन वाले आंतरिक ज्वलन इंजन के लिए एक पसंदीदा ईंधन घटक माना जाता है।
इथेनॉल और इथेनॉल-आधारित ईंधन का इस्तेमाल लंबे समय से कई स्पोर्ट्स कारों में किया जाता रहा है।
