Maharashtra Updates: नागपुर में 8.65 करोड़ रुपये के नकली नोटों के साथ दो गिरफ्तार, लोगों से करते थे ठगी
नागपुर पुलिस ने लोगों को नकली नोट देकर ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि
नागपुर पुलिस ने लोगों को नकली नोट देकर ठगी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि आरोपियों के पास से 8.65 करोड़ रुपये के नकली नोटों के बंडल बरामद किए गए हैं, जिन पर 'चिल्ड्रन्स बैंक ऑफ इंडिया' छपा हुआ था। क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने आरोपियों की पहचान यवतमाल निवासी 43 वर्षीय अफरोज खान जमीरुल्ला खान और वर्धा जिले के 26 वर्षीय इरशाद जुम्मन शेख के रूप में की है। अधिकारी ने बताया, "2 जुलाई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर नागपुर-वर्धा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आसोला-सावंगी के पास जाल बिछाया गया। जब पुलिस ने खान और शेख की कार को रोकने की कोशिश की तो चालक ने भागने का प्रयास किया, लेकिन थोड़ी देर पीछा करने के बाद उसे पकड़ लिया गया।" पुलिस के अनुसार, आरोपी जल्दी मुनाफा कमाने की चाह रखने वाले लोगों को निशाना बनाते थे।
वे 8 लाख रुपये के नकली नोटों के बंडल एक लाख रुपये नकद असली रकम के बदले देने का झांसा देते थे।अधिकारी ने बताया, "विश्वास जीतने के लिए आरोपी शुरुआत में छोटे लेनदेन में असली नोटों का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद वे नकली नोटों के बंडल देते थे, जिनमें केवल ऊपर और नीचे असली नोट लगाए जाते थे। कई पीड़ितों ने धोखाधड़ी की शिकायत नहीं की, क्योंकि इन सौदों में बिना हिसाब का पैसा शामिल था।"पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2,300 नकली नोटों के बंडल, 5,600 रुपये नकद, एक कार और चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इस मामले में बुटीबोरी पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और मोटर वाहन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। कॉलेज में दाखिला नहीं मिलने से आहत 18 वर्षीय युवती ने की आत्महत्या महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण में डिग्री कोर्स में दाखिला नहीं मिलने से आहत 18 वर्षीय एक युवती ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि मृतका की पहचान अक्षदा वालवी के रूप में हुई है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, अक्षदा ने 12वीं की परीक्षा कॉमर्स स्ट्रीम से पास की थी और वह बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस (बीसीए) कोर्स में दाखिला लेना चाहती थी। परीक्षा के बाद वह अपनी बहन के साथ नंदुरबार स्थित अपने मामा के घर चली गई थी। 14 जून को लौटने पर उसे पता चला कि मुंबई विश्वविद्यालय के बीसीए कोर्स के लिए ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल बंद हो चुका है। अधिकारी ने बताया कि इससे वह तनाव और चिंता में आ गई। 18 जून को उसने कथित तौर पर अपने घर पर चूहे मारने वाला जहर खा लिया। जब उसकी तबीयत बिगड़ी तो उसने अपनी मां को इस बारे में बताया, जिसके बाद उसे तुरंत एक स्थानीय अस्पताल ले जाया गया।
निजी अस्पताल का खर्च उठाना परिवार के लिए संभव नहीं था, इसलिए बाद में उसे मुंबई के सरकारी जेजे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 28 जून को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि 30 जून को कल्याण के खड़कपाड़ा पुलिस थाने में आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
