Lucknow, India

गुजरात-दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू:इसमें पूरे गोवा और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली देने की क्षमता

Published 26 May 2026 · world

गुजरात-दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू: इसमें पूरे गोवा और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली देने की क्षमता भुज 8 मिनट पहले गुजरात के खवड़ा में बना बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्लांट। भारत ने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन (हरित ऊर्जा परिवर्तन) में इतिहास रच दिया है।

गुजरात-दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शुरू: इसमें पूरे गोवा और इंदौर जैसे शहरों को 24 घंटे बिजली देने की क्षमता भुज 8 मिनट पहले गुजरात के खवड़ा में बना बैटरी एनर्जी स्टोरेज प्लांट। भारत ने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन (हरित ऊर्जा परिवर्तन) में इतिहास रच दिया है। अडाणी समूह की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने कच्छ सीमा पर स्थित खवड़ा में कुल 3.37 गीगावाट/घंटे की क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू कर दिया है। चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में एक ही जगह पर बना यह सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है।

यहां रखी बैटरियों में सौर या पवन ऊर्जा से बनी बिजली को स्टोर कर जरूरत पड़ने पर किसी भी शहर को सप्लाई दी जा सकती है। रिकॉर्ड 10 महीने में बने इस सिस्टम से पूरे गोवा, इंदौर-चंडीगढ़ जैसे शहरों या यूं कहें कि 10 लाख घरों को 24 घंटे बिजली दी जा सकती है। यह स्टोरेज 1.2 करोड़ एलईडी बल्ब 10 घंटे लगातार जलाकर रख सकता है। खवड़ा प्रोजेक्ट पेरिस से भी बड़ा खवड़ा प्रोजेक्ट आकार (538 वर्ग किमी) में यह पेरिस शहर से भी पांच गुना बड़ा है। यहां दुनिया का सबसे बड़ा 30 गीगा वॉट का रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट बन रहा।

इसमें से 9.9 गीगावॉट चालू हो चुका है। चीन सबसे आगे क्यों रिन्यूएबल एनर्जी स्टोरेज में चीन सबसे आगे है। उसके इनर मंगोलिया और शिनजियांग प्रांतों में दुनिया के सबसे बड़े बैटरी प्रोजेक्ट्स स्थित हैं, जिनमें छगन हाडा प्रोजेक्ट की क्षमता 4 हजार मेगा वॉट घंटा है। ये बैटरियां माइनस 35 डिग्री सेल्सियस में भी बिना रुके काम करती हैं। BESS के बारे में जानें… बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी ऐसी बड़ी बैटरियां जो अतिरिक्त बिजली स्टोर करती हैं जरूरत पड़ने पर ग्रिड को बिजली देती हैं सोलर/विंड पॉवर को स्थिर बनाती हैं बिजली कटौती कम करने में मदद करती हैं भारत के प्रमुख BESS प्रोजेक्ट्स 1.

अडाणी ग्रीन- खवड़ा BESS, गुजरात क्षमता- 3.37 GWh चीन के बाहर सबसे बड़े सिंगल लोकेशन BESS में शामिल रिन्यूवल एनर्जी बैलेसिंग के लिए उपयोग लगभग 10 लाख घरों को एक दिन बिजली सपोर्ट देने की क्षमता 2. भारत का पहला मर्चेंट BESS- जुनिपर ग्रीन – बीकानेर, राजस्थान क्षमता- 100 MWh भारत का पहला मर्चेंट बैटरी स्टोरेज सिस्टम पीक पॉवर और ग्रिड बैलेंसिंग में उपयोग सबसे तेजी से बढ़ने वाले राज्य गुजरात राजस्थान तमिलनाडु आंध्र प्रदेश महाराष्ट्र कर्नाटक

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