तीन साल में चार गुना बढ़े बाघ: आखिर असम के नामेरी टाइगर रिजर्व में कैसे हुआ यह चमत्कार? WII ने भी लगाई मुहर
असम के नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2022 में जहां इस रिजर्व में केवल तीन बाघ
असम के नामेरी टाइगर रिजर्व में बाघ संरक्षण के क्षेत्र में बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2022 में जहां इस रिजर्व में केवल तीन बाघ थे, वहीं 2025 के अंत तक उनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। महज तीन वर्षों में बाघों की संख्या में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है, जिसकी पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) ने भी की है। Forest Conservation efforts under the guidance of Hon'ble CM @himantabiswa is doing wonders!
From just 3 tigers in 2022 to 12 by the end of 2025, Nameri Tiger Reserve has scripted a remarkable conservation success, validated by the Wildlife Institute of India. Adding to this… pic.twitter.com/kCBUqL2WQo— Jayanta Mallabaruah (@jayanta_malla) July 3, 2026 असम के वन एवं पर्यावरण मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को यह जानकारी साझा करते हुए इसे राज्य के वन्यजीव संरक्षण अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता लगातार किए गए संरक्षण प्रयासों, बेहतर वन प्रबंधन और बाघों के लिए सुरक्षित एवं अनुकूल आवास उपलब्ध कराने का परिणाम है।
उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में चलाए गए संरक्षण अभियानों को भी दिया।मंत्री ने बताया कि नामेरी टाइगर रिजर्व के सैटेलाइट कोर क्षेत्र सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य में भी दशकों बाद दो बाघों की वापसी दर्ज की गई है। इसे पूर्वोत्तर भारत में बाघों के प्राकृतिक आवास के पुनर्जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण और उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।नामेरी टाइगर रिजर्व में नामेरी राष्ट्रीय उद्यान, सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य तथा नदुआर और बालीपाड़ा आरक्षित वन शामिल हैं।
लगभग 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला नामेरी राष्ट्रीय उद्यान इस रिजर्व का मुख्य कोर क्षेत्र है, जबकि करीब 120 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला सोनाई-रूपाई वन्यजीव अभयारण्य इसका सैटेलाइट कोर क्षेत्र है।
