'पति-पत्नी के सामान्य झगड़े क्रूरता नहीं', कोर्ट ने पति और सास-ससुर को किया बरी
महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति और उसके माता-पिता को बरी कर दिया
महाराष्ट्र के ठाणे की एक अदालत ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पति और उसके माता-पिता को बरी कर दिया.
अदालत ने कहा कि वैवाहिक जीवन में होने वाले सामान्य विवाद या घरेलू मतभेद को क्रूरता नहीं माना जा सकता. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पंकज ए.
पाटकी ने गुरुवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों द्वारा की गई कथित प्रताड़ना के ठोस उदाहरण और महिला की आत्महत्या के
बीच सीधा संबंध साबित करने में विफल रहा.
